Uttarakhand: 16 special courts established for POCSO, NDPS, and corruption cases; speedy resolution of cases expected.
Supreme Court verdict में सोमवार को यह साफ कर दिया गया कि अदालत को राजनीतिक विवादों का मैदान नहीं बनाया जा सकता। तेलंगाना भाजपा (Telangana BJP petition) की ओर से मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy case) के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया गया। भाजपा ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के दौरान रेवंत रेड्डी द्वारा दिए गए आरक्षण समाप्त करने वाले बयान पर दर्ज मामला रद्द कर दिया गया था।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यदि आप राजनीति में हैं तो आलोचना और विवादों को सहने के लिए तैयार रहना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, “शीर्ष अदालत को राजनीतिक लड़ाई का मंच न बनाइए। अगर आप राजनेता हैं तो ऐसी बातों से विचलित नहीं होना चाहिए।” इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि न्यायालय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहकर केवल कानूनी पहलुओं पर ही ध्यान देगा।
यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उस टिप्पणी से जुड़ा था, जिसमें रेवंत रेड्डी ने कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो आरक्षण खत्म कर देगी। इसे लेकर भाजपा ने उन्हें निशाना बनाते हुए मामला दर्ज कराया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे राजनीति प्रेरित बताते हुए मामला रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी।
अब यह फैसला राजनीतिक विवादों को कानूनी दायरों में सीमित रखने का संदेश देता है। साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि नेताओं को विवादों और विरोधों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।