SOG Team पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप, लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश के बाद कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से पुलिस व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। थाना हजारा क्षेत्र की एक महिला ने SOG टीम के सदस्यों पर रात में घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया था। घटना की एफआईआर दर्ज होने के एक माह बाद भी कोई गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़िता ने लखनऊ में आत्मदाह का प्रयास किया, जिसके बाद एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए SOG प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता के मुताबिक, 23 अप्रैल की रात वह अपनी बहन के साथ घर में सो रही थी, तभी एक चारपहिया वाहन में सवार पांच लोग उसके घर में घुसे।

  • उसके साथ छेड़छाड़ की गई,

  • विरोध करने पर पिस्टल तान दी गई

  • और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

इन लोगों की पहचान बाद में SOG टीम के सदस्य के रूप में हुई।
हालांकि, मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण पहले अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिससे पीड़िता को न्याय नहीं मिला।

एक महीने तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी, महिला ने उठाया बड़ा कदम

पीड़िता ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी एक महीने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
थक-हारकर उसने 23 जून को अपने भाई और भांजे के साथ लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश की।
लखनऊ पुलिस ने समय रहते उन्हें रोक लिया और हजारा पुलिस को सूचना दी गई।
इसके बाद मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया और तुरंत कार्रवाई शुरू हुई।

SOG टीम पर गिरी गाज, पांच पुलिसकर्मी लाइनहाजिर

एसपी पीलीभीत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SOG प्रभारी क्रांतिवीर, हेड कांस्टेबल अजब सिंह, कांस्टेबल अजय चौधरी, शाहनवाज और कांस्टेबल कुलदीप को लाइनहाजिर कर दिया है।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि जांच के बाद और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।