India’s Strategic Shift on Iran Attacks: BRICS में बोला भारत, पर नाम लेने से बचा संगठन; इजरायल-अमेरिका पर नहीं हुई सीधी टिप्पणी
BRICS ने जताई ईरान पर हमलों की सख्त निंदा, भारत ने भी दिया समर्थन
भारत ने ईरान पर अमेरिकी और इजरायली सैन्य हमलों को लेकर अपना रुख बदलते हुए BRICS समूह के साथ मिलकर सख्त चिंता जाहिर की है। 13 जून से जारी हमलों को BRICS ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
हालांकि, बयान में अमेरिका और इजरायल का सीधा नाम नहीं लिया गया, लेकिन ईरान पर परमाणु स्थलों पर हुए हमलों की तीव्र आलोचना की गई।
SCO में अलग, BRICS में साथ: भारत की रणनीतिक दूरी और समीपता
BRICS के इस बयान पर भारत की भागीदारी विशेष रूप से अहम मानी जा रही है क्योंकि 10 दिन पहले भारत ने SCO (Shanghai Cooperation Organization) के उस बयान से खुद को अलग कर लिया था जिसमें इजरायल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की गई थी।
विदेश मंत्रालय ने तब कहा था कि भारत ने SCO के उस साझा बयान में हिस्सा नहीं लिया।
BRICS का बयान: Middle East में बढ़ते तनाव पर चेतावनी
BRICS (Brazil, Russia, India, China, South Africa) ने एक साझा बयान में कहा:
“हम 13 जून 2025 से इस्लामी गणराज्य ईरान पर हुए सैन्य हमलों से गहरी चिंता में हैं। ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के खिलाफ हैं, जिससे मध्य पूर्व में अस्थिरता गहरी हुई है।”
बयान में यह भी कहा गया कि:
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ईरान के परमाणु स्थलों (जैसे फोर्दो, इस्फहान, नतान्ज) को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है।
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ये हमले IAEA नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हैं।
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BRICS ने Middle East Nuclear Weapons Free Zone की मांग को दोहराया।
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भारत की बदली भूमिका और कूटनीतिक संदेश
भारत का यह स्पष्ट रुख उस वक्त आया है जब वैश्विक मंचों पर निष्पक्षता और संतुलन के उसके प्रयासों पर सवाल उठ रहे थे।
BRICS के बयान में भारत की सहमति को एक स्पष्ट कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है कि भारत अब कुछ मामलों में वैश्विक दक्षिण के साथ स्पष्टता से खड़ा हो रहा है।
ईरान ने भारत का जताया आभार
दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत की जनता और राजनीतिक दलों का आभार जताते हुए कहा:
“भारत ने सिर्फ हमारे देश का समर्थन नहीं किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की मूल भावना की रक्षा भी की है।”
PM Modi की ब्राजील यात्रा: क्या होगी अगली कूटनीतिक चाल?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5-6 जुलाई को रियो डी जेनेरियो में होने वाले BRICS Summit 2025 में भाग लेंगे।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि:
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ईरान संकट
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इजरायल-गाजा संघर्ष
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और वैश्विक शांति
BRICS एजेंडा में प्रमुख विषय होंगे।