Russian President Vladimir Putin will visit India, summit with PM Modi in early December
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर की शुरुआत में भारत दौरे पर आ सकते हैं। यहां उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता होगी। इस दौरे का मकसद भारत-रूस के सामरिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका नई दिल्ली पर मास्को से रिश्ते कम करने का दबाव बना रहा है। यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों ने बुधवार को दी।
यूक्रेन पर फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले वह साल 2021 में वार्षिक समिट के लिए भारत आए थे।
हालांकि भारत या रूस की ओर से इस यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों ने बताया कि पुतिन 5 दिसंबर के आसपास नई दिल्ली में रह सकते हैं। यात्रा एक दिन की होगी या दो दिन की, इसे लेकर अब तक फैसला नहीं हुआ है।
भारत-रूस संबंधों की होगी समीक्षा
यह दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों की समीक्षा करने का अवसर देगा। खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका भारत पर रूसी तेल और हथियारों की खरीद कम करने का दबाव बना रहा है।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, जो पुतिन से पहले नवंबर में भारत आएंगे, उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कहा था कि राष्ट्रपति की भारत यात्रा दिसंबर में प्रस्तावित है। पुतिन नई दिल्ली में आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा रूस के सरकारी चैनल RT के भारत संस्करण को भी लॉन्च कर सकते हैं।
68.7 बिलियन डॉलर का व्यापार
सूत्रों ने बताया कि यात्रा के दौरान व्यापारिक मुद्दों पर खास बातचीत होगी। भारत-रूस के बीच 2024-25 में दोतरफा व्यापार 68.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, जिसमें ज्यादातर हिस्सा भारत द्वारा रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद का था। हालांकि, भारत का रूस को निर्यात सिर्फ 4.88 बिलियन डॉलर का ही रहा।
रक्षा सहयोग पर भी होगी चर्चा
नवंबर में लावरोव की यात्रा के अलावा, इस महीने रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोसोव भी नई दिल्ली आएंगे। वह भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन ऑन मिलिट्री टेक्निकल कोऑपरेशन (IRIGC-MTC) की बैठक में शामिल होंगे, जो दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की निगरानी करती है।
SCO समिट में हुई थी मुलाकात
पिछले साल मोदी वार्षिक समिट के लिए रूस गए थे और तब से दोनों नेताओं ने कई बार फोन पर बातचीत की है, जिसमें यूक्रेन की स्थिति भी शामिल रही। हाल ही में सितंबर की शुरुआत में चीन में हुई SCO समिट के दौरान मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी। वहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई थी। यह साझेदारी 3 अक्टूबर को अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रही है।
चार दिन बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाते हुए दबाव बढ़ाया था। उस वक्त मोदी ने स्पष्ट कहा था कि भारत और रूस “हमेशा मुश्किल से मुश्किल हालात में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं।”