कतर में 28 नवंबर को खुलेगा एम.एफ. हुसैन म्यूज़ियम

नई दिल्ली: मशहूर भारतीय चित्रकार एम.एफ. हुसैन को समर्पित संग्रहालय ‘The Lawh Wa Qalam: M. F. Husain Museum’ का उद्घाटन 28 नवंबर को कतर में किया जाएगा। यह संग्रहालय हुसैन की 1950 के दशक से लेकर 2011 में उनकी मृत्यु तक की कलात्मक यात्रा को दर्शाएगा। इसे क़तर फ़ाउंडेशन की नूफ़ मोहम्मद द्वारा क्यूरेट किया गया है। इसमें हुसैन की कला पर पड़े प्रभावों, उनकी सोच और यादों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्होंने उनके काम को दिशा दी।

इस प्रदर्शनी में वे पेंटिंग्स भी शामिल होंगी, जिन्हें क़तर फ़ाउंडेशन की चेयरपर्सन शेख़ा मोज़ा बिंत नासिर ने अरब सभ्यता से प्रेरित होकर हुसैन से बनवाई थीं। हुसैन ने इनमें से 35 से अधिक पेंटिंग्स पूरी की थीं (कुल 99 का ऑर्डर दिया गया था), जो इस म्यूज़ियम की गैलरियों में प्रमुख रूप से प्रदर्शित की जाएंगी।

यह भवन दिल्ली के आर्किटेक्ट मार्तंड खोसला द्वारा डिज़ाइन किया गया है। इसका डिज़ाइन हुसैन द्वारा उनके आखिरी वर्षों में बनाए गए एक स्केच से प्रेरित है। 2006 से स्वेच्छा निर्वासन में रहने के दौरान हुसैन ने अपना समय दोहा, दुबई और लंदन में बिताया था। 2010 में उन्हें क़तर की नागरिकता भी मिली थी, कुछ ही महीने पहले जब लंदन में उनका निधन हुआ।

हुसैन अपने शानदार अंदाज़ और विपुल कला-कृतियों के लिए जीवनकाल में ही भारत के सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में गिने जाने लगे थे। हालांकि 1996 में उनकी एक विवादित पेंटिंग (जिसमें नग्न स्त्री आकृति को देवी का रूप माना गया) पर विरोध शुरू हुआ और फिर लगातार एक दशक तक दक्षिणपंथी संगठनों का विरोध झेलना पड़ा। अंततः उन्हें अपना वतन छोड़ना पड़ा।

एम.एफ. हुसैन का सफर

हुसैन का जन्म 1915 में महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ था। वे मुंबई आए और शुरुआती दिनों में फ़िल्मों के साइनबोर्ड बनाने का काम किया। वे प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप के शुरुआती सदस्यों में भी थे। इस साल की शुरुआत में उनकी 1954 की एक पेंटिंग क्रिस्टीज़ की नीलामी में ₹118 करोड़ में बिकी, जो किसी भारतीय चित्रकार की अब तक की सबसे ऊंची बोली है।

क़तर फ़ाउंडेशन की ओर से कहा गया

“प्रेरणा और रचनात्मकता का केंद्र बनकर ‘Lawh Wa Qalam: M. F. Husain Museum’ यह दिखाता है कि क़तर फ़ाउंडेशन कला और संस्कृति को देखने, सीखने और समझने के लिए सभी के लिए स्थान उपलब्ध कराने को लेकर समर्पित है।” – खलूद अल-अली, एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर (कम्युनिटी एंगेजमेंट एंड प्रोग्रामिंग), क़तर फ़ाउंडेशन