13,000 करोड़ की सड़क पहली बारिश में बैठ गई – कितना मजबूत है ये एक्सप्रेसवे?
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से होकर गुजर रहे Delhi-Dehradun Expressway का निर्माण अपने अंतिम चरण में है। लेकिन रविवार को हुई पहली तेज बारिश ने इस हाई-प्रोफाइल परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव भगवानपुर के पास बने अंडरपास के समीप एक्सप्रेसवे का हिस्सा धंस गया, जिससे NHAI (National Highways Authority of India) के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बारिश में धंसी सड़क, वाहनों की आवाजाही रोकी गई
घटना की सूचना मिलते ही NHAI ने तत्काल मौके पर पहुंचकर traffic movement को रोक दिया और मिट्टी भराव (soil filling) का कार्य शुरू करवा दिया। यह अंडरपास बागपत से लाखनौर तक बन रहे सेक्शन में आता है, जो एक्सप्रेसवे का दूसरा खंड है। तेज बारिश के चलते मिट्टी का कटाव हुआ, जिससे सड़क धंस गई।
कई जगहों पर कटाव, निर्माण एजेंसी ने शुरू किया मरम्मत कार्य
सिर्फ भगवानपुर ही नहीं, एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों में भी मिट्टी के कटाव और सड़क की हालत खराब होने की खबरें हैं। निर्माण एजेंसी ने सभी प्रभावित स्थानों पर repair work शुरू कर दिया है। हालांकि, निर्माण कंपनी के अधिकारी इस पर कोई सार्वजनिक बयान देने को तैयार नहीं हैं।
13,000 करोड़ की लागत से बन रहा है Delhi-Dehradun Expressway
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 210 किलोमीटर है और इसे चार खंडों में बांटकर तैयार किया जा रहा है:
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पहला खंड – अक्षरधाम, दिल्ली से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), बागपत तक – 32 किमी
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दूसरा खंड – EPE से सहारनपुर बाईपास (लाखनौर) तक – 118 किमी
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तीसरा खंड – लाखनौर से गणेशपुर तक – 41 किमी
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चौथा खंड – गणेशपुर से देहरादून के आशारोड़ी तक – 19 किमी
इस प्रोजेक्ट में एक खास बात यह है कि अंतिम चरण में 12 किलोमीटर लंबा Elevated Wildlife Corridor बनाया जा रहा है, जिसे एशिया का सबसे लंबा वन्य जीव गलियारा बताया जा रहा है।
कितना काम पूरा हो चुका है?
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पहला और चौथा खंड लगभग पूरी तरह तैयार हैं
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दूसरे और तीसरे खंड में भी लगभग 95% कार्य पूरा हो चुका है
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डाट काली मंदिर तक के लिए वायाडक्ट निर्माण भी अंतिम चरण में है