Ram Mandir Donation Row: Construction committee chairman suddenly arrived in Ayodhya amid allegations
अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे की राशि को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। करोड़ों रुपये के कथित चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी बीच पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के लिए रिपोर्ट तलब किए जाने की खबर सामने आई है।
विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Mishra का अचानक अयोध्या पहुंचना भी चर्चाओं का विषय बन गया है। उन्होंने पहुंचते ही ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
अचानक दौरे ने बढ़ाई अटकलें
जानकारी के अनुसार नृपेंद्र मिश्र को 13 जून को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के लिए अयोध्या आना था, लेकिन उनके निर्धारित कार्यक्रम से पहले पहुंचने को इस पूरे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर उनके दौरे को लेकर कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में मंदिर निर्माण, ट्रस्ट की गतिविधियों और हालिया विवादों पर चर्चा हुई।
चढ़ावे की राशि को लेकर क्या है विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब Akhilesh Yadav ने राम मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai ने आरोपों को खारिज किया, लेकिन विपक्ष ने उनके स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस जारी है और विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं।
पुलिस ने गिरफ्तारी की खबरों का किया खंडन
विवाद के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं में कथित तौर पर कुछ लोगों के चिन्हित किए जाने और गिरफ्तारी की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ लोगों का दावा है कि मामले में गड़बड़ी हुई है, जबकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
कैसे होती है चढ़ावे की गिनती?
जानकारी के अनुसार रामलला को प्राप्त होने वाला चढ़ावा दानपात्रों से एकत्रित कर निर्धारित केंद्र तक पहुंचाया जाता है, जहां सीसीटीवी निगरानी में उसकी गिनती होती है।
बताया जाता है कि इस प्रक्रिया में बैंक कर्मचारियों के साथ कुछ अन्य एजेंसियों के कर्मचारी भी सहयोग करते हैं। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि पूरे मामले पर ट्रस्ट के सभी सदस्यों को साथ बैठकर विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने सीसीटीवी रिकॉर्ड और आंकड़ों के मिलान की मांग भी उठाई।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि स्पष्टीकरण आने में इतना समय क्यों लगा और पूरे मामले पर अधिक पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई गई।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का पलटवार
वहीं, Brajesh Pathak ने अखिलेश यादव के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
पाठक ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है।
सरकार और ट्रस्ट की नजरें रिपोर्ट पर
फिलहाल पूरे मामले में न तो ट्रस्ट और न ही जिला प्रशासन की ओर से किसी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की गई है। हालांकि बढ़ते राजनीतिक विवाद और सार्वजनिक चर्चाओं को देखते हुए संबंधित स्तर पर रिपोर्ट मांगी गई है।
अब सभी की नजरें आगामी समीक्षा बैठकों और संभावित जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के पीछे तथ्य क्या हैं और आरोपों में कितनी सच्चाई है।