Rajnath Singh Jammu Visit: LOC के पास रह रहे लोगों से मिलेंगे रक्षा मंत्री

सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नव नियुक्त आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सकते हैं। इस दौरे के दौरान वे LoC (Line of Control) के नजदीक रहने वाले नागरिकों से भी मिल सकते हैं।

यह दौरा उस वक्त हो रहा है जब हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओजेके (POJK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया। जवाब में पाकिस्तानी सेना ने LoC के पार से सिविलियन एरिया पर फायरिंग की, जिसमें कई नागरिक हताहत हुए।

LoC के पास रह रहे लोगों से हो सकती है मुलाकात

रक्षा मंत्री और आर्मी चीफ के इस दौरे का उद्देश्य सिर्फ सैन्य हालात की समीक्षा नहीं बल्कि LoC के पास रहने वाले प्रभावित लोगों को भरोसा देना भी है। माना जा रहा है कि वे उन सिविलियंस से मिल सकते हैं जो हालिया पाक गोलाबारी से प्रभावित हुए हैं।

भारत ने दिया करारा जवाब

भारतीय सेना ने पाक की इस गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया।

  • कई पाकिस्तानी आर्मी पोस्ट को नष्ट किया गया।

  • आतंकियों के लॉन्च पैड पर भी सटीक आर्टिलरी स्ट्राइक की गई।

इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना बैकफुट पर आ गई और भारत से फायरिंग रोकने के लिए बातचीत की मांग की गई।

ऑपरेशन सिंदूर: क्या हुआ था?

  • इंडियन आर्म्ड फोर्सेस ने पीओजेके और पाकिस्तान के अंदर आतंकियों के कम से कम 9 ठिकानों को ध्वस्त किया।

  • ये ऑपरेशन उस वक्त हुआ जब पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन कर आतंकियों को सपोर्ट कर रहा था।

  • 2021 के सीजफायर समझौते के बावजूद पाकिस्तान ने LOC के पास नए लॉन्च पैड्स तैयार किए थे जिन्हें भारतीय सेना ने टारगेट किया।

 सेना प्रमुख का फील्ड कमांडर्स से संवाद

आर्मी चीफ जनरल द्विवेदी इस दौरान स्थानीय मिलिट्री कमांडर्स और जवानों से भी संवाद करेंगे। यह दौरा उनके बतौर सेना प्रमुख पहली बड़ी सैन्य समीक्षा यात्रा मानी जा रही है।

कूटनीतिक और सामरिक दोनों दृष्टि से अहम दौरा

इस हाई लेवल विजिट के ज़रिए भारत यह संदेश देना चाहता है कि:

  • सुरक्षा और सिविलियन प्रोटेक्शन सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • पाकिस्तान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब तुरंत और सटीक मिलेगा।

  • LoC पर रहने वाले लोगों का मनोबल बढ़ाना भारत की रणनीतिक प्राथमिकता है।

 रक्षा मंत्री और आर्मी चीफ का जम्मू-कश्मीर दौरा सिर्फ एक सहानुभूति भरा कदम नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है — भारत अब बात से नहीं, जवाब से पाकिस्तान को संभालेगा। ऑपरेशन सिंदूर और इस विजिट से स्पष्ट है कि भारत अब किसी भी सीमा पार हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा।