Politics heats up over chef's arrest in Delhi hotel fire; CM Dhami intervenes directly.
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड में उत्तराखंड निवासी शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तराखंड में विभिन्न राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि कहीं मामले में किसी निचले स्तर के कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराकर बलि का बकरा तो नहीं बनाया जा रहा।
इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बातचीत कर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री धामी को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने केशव नेगी की बेटी कनिष्का नेगी से भी बातचीत की और परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है।
धामी ने कहा, “हमारी सरकार देशभर में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासी भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है। किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी चिंता जताई है। गढ़वाल लोकसभा सांसद और भाजपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बातचीत कर मामले की जांच प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है।
अनिल बलूनी ने कहा कि केशव नेगी को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड सरकार और भाजपा नेतृत्व इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि होटल फायर केस में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी थी।
मामले ने न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक महत्व भी हासिल कर लिया है, क्योंकि उत्तराखंड के प्रवासी समुदाय से जुड़े इस मुद्दे पर राज्य सरकार, भाजपा नेतृत्व और परिवार सभी निष्पक्ष न्याय की मांग कर रहे हैं।