उत्तराखंड की 12 मेगा परियोजनाओं की होगी विशेष निगरानी, सीएम ने दिए निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार Progress Portal के माध्यम से राज्यभर में संचालित 12 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की लगातार समीक्षा कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या, देरी या प्रशासनिक बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।

सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह स्वयं इन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि विकास कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे हों। उन्होंने बताया कि चमोली, पिथौरागढ़ समेत कई सीमांत जिलों में महत्वपूर्ण Infrastructure Projects पर तेजी से काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि अनावश्यक देरी से लागत बढ़ती है और इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ सरकारी खजाने पर पड़ता है।

धामी ने कहा कि समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी हों। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सभी नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन हो। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान BRICS Disaster Risk Reduction Working Group की बैठक में उत्तराखंड के Disaster Management Model को मिली सराहना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के आपदा प्रबंधन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि Silkyara Tunnel Rescue Operation जैसी चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा करने में केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों, विशेषज्ञों तथा स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 दिनों तक लगातार चले इस रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी संस्थाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों का योगदान सराहनीय रहा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया, वे सभी बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने भरोसा जताया कि वैज्ञानिक योजना, प्रभावी प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से उत्तराखंड आने वाले समय में विकास और आपदा प्रबंधन दोनों क्षेत्रों में नई मिसाल कायम करेगा।