PM Modi आज करेंगे भारत के पहले Vertical Lift Sea Bridge का उद्घाटन – जानिए इसकी खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज तमिलनाडु (Tamil Nadu) के दौरे पर हैं, जहां वो भारत के पहले Vertical Lift Sea Bridge – New Pamban Rail Bridge का उद्घाटन करने जा रहे हैं। यह ऐतिहासिक अवसर Ram Navami 2025 पर मनाया जा रहा है।

क्या है New Pamban Rail Bridge की खासियत?

इस ब्रिज की लंबाई 2.08 किलोमीटर है और इसमें कुल 99 spans हैं जो 18.3 मीटर लंबे हैं। इसका सबसे खास हिस्सा है 72.5 मीटर का Vertical Lift Span, जो बड़े जहाजों को आसानी से गुजरने की सुविधा देता है। यह नया पुल पुराने Pamban Bridge से 3 मीटर ऊंचा है और पूरी तरह से marine corrosion resistant technology से लैस है।

इसमें Poly-siloxane Paint, Advanced Stainless Steel, और Fiber Reinforced Plastic का उपयोग हुआ है, जिससे यह ब्रिज दशकों तक टिकाऊ और सुरक्षित रहेगा। इसके ढांचे में 333 पाइल्स लगाए गए हैं ताकि यह समुद्री लहरों के प्रहार को झेल सके।

5 साल में तैयार – PM Modi का Vision

पीएम मोदी ने इस ब्रिज का Shilanyas in 2019 किया था और सिर्फ पांच साल में यह निर्माण कार्य पूरा हो गया है। आमतौर पर ऐसे mega infrastructure projects को दशकों लग जाते हैं, लेकिन पीएम मोदी की स्पष्ट सोच – “जिसका शिलान्यास किया, उसका उद्घाटन भी खुद करूंगा” – ने अफसरों और इंजीनियरों को समय पर काम पूरा करने के लिए प्रेरित किया।

क्या होगा पीएम मोदी का कार्यक्रम?

  • 12:00 PM – PM Modi हरी झंडी दिखाकर ब्रिज पर ट्रेन और समुद्री जहाज की trial run को रवाना करेंगे।

     

  • 12:45 PM – रामेश्वरम के Arulmigu Ramanathaswamy Temple में दर्शन और पूजा।

     

  • 1:30 PM – ₹8,300 करोड़ से अधिक की रेलवे और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास।

     

  • इसके साथ ही वह एक public address (जनसभा) को भी संबोधित करेंगे।

     

भारत की टेक्नोलॉजिकल ताकत का प्रतीक

रेल मंत्रालय के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, दिलीप कुमार ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में Indian Railways ने एक नया युग शुरू किया है। Vande Bharat Trains, Amrit Bharat Stations, और अब यह नया Sea Bridge इस बात का प्रमाण है कि भारत तेज़ी से विकसित हो रहा है।

उन्होंने ये भी कहा कि इस परियोजना ने भारत की engineering और certification excellence को साबित कर दिया है। अब पूरी दुनिया जान गई है कि IIT Madras और IIT Bombay जैसी संस्थाएं भी समुद्री पुलों के डिज़ाइन में महारथ रखती हैं।