पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही के खुलासे से हड़कंप, Indian bank accounts से मिल रही थी रकम?

पानीपत से गिरफ्तार पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही ने पूछताछ में भारत में सक्रिय जासूसी नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले राज खोले हैं। अब यह सिर्फ एक अकेला मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसके तार देश के कई राज्यों और संदिग्ध बैंक खातों से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।

 भारतीय बैंक खातों से मिला पैसा! कौन कर रहा है फंडिंग?

सूत्रों के मुताबिक नोमान इलाही को जासूसी के बदले भारत के ही बैंक खातों से पैसे भेजे गए। यह जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सकते में हैं।
अब सवाल उठता है –
क्या भारत में ही कोई ऐसे लोग हैं जो पाकिस्तान की ISI के लिए फंडिंग कर रहे हैं?
या फिर कोई बड़ा हवाला नेटवर्क इस जासूसी गैंग के पीछे है?

सभी संदिग्ध बैंक खाताधारक अब एजेंसियों के रडार पर हैं। पूछताछ और छानबीन की जा रही है।

ISI एजेंट इकबाल काना से सीधे संपर्क

नोमान इलाही ने स्वीकार किया है कि वह ISI के एजेंट इकबाल काना से सीधे संपर्क में था और उसे:

  • सेना की गतिविधियों

  • संवेदनशील रेलवे रूट्स

  • ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारियां

  • और श्रीनगर व पठानकोट की वीडियोज भेज चुका है।

इन जानकारियों को पाकिस्तान भेजने के एवज में हर वीडियो पर उसे ₹5000 तक मिलते थे।

 कैराना में दो बार पहुंची सीआईए टीम, घर से पासपोर्ट व दस्तावेज बरामद

नोमान मूल रूप से कैराना के बेगमपुरा का रहने वाला है। पानीपत की सीआईए-1 टीम उसे लेकर दो बार कैराना पहुंच चुकी है।
उसके घर से संदिग्ध पासपोर्ट और दस्तावेज मिले हैं
उसके संपर्क में आने वालों की पहचान की जा रही है
उसके भाई जीशान की भी तलाश हो रही है, जो झिंझाना में पासपोर्ट फॉर्म भरने का काम करता था और दो साल पहले गायब हो गया।

क्या जुड़ रहे हैं जासूसी नेटवर्क के तार?

नोमान की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा के कैथल से देवेंद्र सिंह, नूंह से अरमान और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

 क्या ये सभी एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं?
क्या ISI ने भारत में एक सक्रिय मॉड्यूल खड़ा कर रखा है?

अगर इन जासूसों के बीच कोई आपसी लिंक साबित होता है, तो भारत में चल रहे पाकिस्तानी जासूसी रैकेट का एक बहुत बड़ा खुलासा हो सकता है।