Indus Water Treaty सस्पेंड होने पर बौखलाया पाकिस्तान, बोला- अब तो भूख से मर जाएंगे लोग

Pahalgam terror attack के बाद भारत ने Indus Waters Treaty को suspend करने का जो कदम उठाया है, उसने पाकिस्तान की राजनीति और संसदीय बहस में हलचल मचा दी है। इमरान खान की पार्टी PTI के सांसद Syed Ali Zafar ने भारत के इस कदम को “Water Bomb” बताते हुए चेतावनी दी कि अगर यह संकट नहीं टला तो पाकिस्तान में लोग भूख से मरने लगेंगे।

Indus Basin पर निर्भर है Pakistan की Economy

पाकिस्तान की संसद में ज़फर ने कहा, “हमारी 90% आबादी सिंधु बेसिन पर निर्भर है। हमारी 80% खेती और ज्यादातर hydropower projects इसी पानी से चलते हैं। अगर भारत पानी रोकता है, तो यह पाकिस्तान के लिए एक national emergency बन जाएगा।”

उनका कहना था कि “हमारे ऊपर पानी का बम लटका हुआ है। अगर अभी कदम नहीं उठाया गया, तो हम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं।”

भारत ने साफ कहा: ‘Blood and Water can’t flow together’

22 अप्रैल को Pahalgam attack में 26 लोगों की हत्या के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को temporarily suspend करने का फैसला लिया। भारत के विदेश सचिव Vinay Kwatra के नेतृत्व में 7 देशों में diplomatic outreach शुरू की गई ताकि पाकिस्तान के “victim narrative” को खारिज किया जा सके।

भारत का कड़ा संदेश है: “Terrorism and diplomacy can’t go hand-in-hand. जब तक पाकिस्तान cross-border terrorism नहीं रोकता, तब तक Indus Water flow पर कोई सहयोग संभव नहीं।”

Indus Water Treaty: पाकिस्तान की जीवनरेखा

1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई Indus Waters Treaty में 6 नदियों – Sindhu, Jhelum, Chenab, Ravi, Beas और Satluj – के जल बंटवारे की व्यवस्था की गई थी। इस संधि के अनुसार भारत पूर्वी नदियों का प्रयोग कर सकता है जबकि पश्चिमी नदियों का अधिकांश जल पाकिस्तान को मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत यदि चाहे तो वह water diversion या storage projects के ज़रिए पाकिस्तान की जल आपूर्ति पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है।

पाकिस्तान की अपील, भारत का इनकार

पाकिस्तान के Deputy PM Ishaq Dar ने भारत से अपील की है कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। लेकिन भारत का रुख साफ है — “No compromise with terror.”