Pak Spy Funding Network: Money transferred to the account of a woman from Gujarat, NIA gets clue from Gorakhpur
गोरखपुर (Uttar Pradesh) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक Pakistani Spy Network से जुड़े फंडिंग चैनल का पर्दाफाश हुआ है। NIA (National Investigation Agency) की टीम ने यहां जांच करते हुए hawala money trail को ट्रैक किया है, जिसमें छोटी-छोटी रकमों के जरिए enemy sleeper cells को एक्टिव करने की कोशिश की गई।
Bank से छोटे ट्रांसफर, लेकिन मकसद बड़ा
जांच में सामने आया है कि CRPF जवान की गिरफ्तारी के बाद उसके और उसकी पत्नी के खातों में लगातार समयबद्ध अंतराल पर अलग-अलग खातों से छोटी रकम ट्रांसफर की गई थी।
यह सब इसलिए किया गया ताकि suspicious transaction alert से बचा जा सके।
गोरखपुर निवासी पन्नेलाल के बेटे अमन और बेटी के खाते से गुजरात की एक महिला, अनीता सिंह के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए। अमन ने 10,000 और उसकी बहन ने 5,000 रुपये ट्रांसफर किए थे।
Bangkok से आया पैसा, हवाला नेटवर्क की आशंका
बताया गया है कि पन्नेलाल ने Bangkok से भारत में पैसा भेजा था, जो उसके बच्चों के खातों के जरिए अनीता सिंह के बैंक अकाउंट में गया।
NIA को शक है कि यह पूरा ट्रांजेक्शन एक hawala route का हिस्सा था, जिससे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क को फंडिंग की जा रही थी।
अमन ने पूछताछ में दावा किया कि वह tea stall पर बैठा था जब एक व्यक्ति आया और पैसे ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट की, बदले में कैश देने की बात कही। लेकिन NIA उसकी इस बात पर भरोसा नहीं कर रही।
अब अमन को 4 जून को Delhi NIA Headquarters में पेश होने का समन भेजा गया है, जहां उससे पूछा जाएगा कि उसने किसके कहने पर पैसे ट्रांसफर किए और उसे यह रकम किसने दी।
NIA की कार्रवाई खजनी और देवरिया तक फैली
इस केस से जुड़े human trafficking और illegal migration एंगल की जांच में NIA पहले भी खजनी क्षेत्र में छापेमारी कर चुकी है। सतुआभार गांव में रहने वाले अभयानंद दुबे के घर से दस्तावेज लिए गए थे। आरोप है कि वह लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजता था और फिलहाल Cambodia jail में बंद है।