धान खरीद घोटाला या सिस्टम की नाकामी? हल्द्वानी में कांग्रेस का ताला बंदी प्रदर्शन!

कुमाऊं में धान खरीद (Paddy Procurement) को लेकर मची अव्यवस्था के खिलाफ Congress नेताओं ने शनिवार, 25 अक्टूबर को RFC कुमाऊं कार्यालय (Regional Food Corporation) में ताला बंदी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक नारायण पाल और कांग्रेस नेता ललित जोशी के नेतृत्व में नेताओं ने RFC दफ्तर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सितारगंज (Sitarganj) समेत कई इलाकों में सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से धान की खरीद नहीं हो रही, जिससे farmers को मजबूरन बिचौलियों के हाथों सस्ते दामों पर धान बेचना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि “धान खरीद में middlemen और सरकारी अफसरों की मिलीभगत से किसानों का शोषण हो रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कांग्रेस नेता ललित जोशी ने भी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा — “सरकार किसानों के हित की बातें सिर्फ कागजों में करती है। Ground reality बिल्कुल उलट है। अगर धान खरीद में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस statewide movement शुरू करेगी।”

इस बीच, RFC कुमाऊं के अधिकारी चन्द्र सिंह मर्तोलिया ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि धान खरीद पूरी तरह government policy और procurement guidelines के तहत की जा रही है।
उन्होंने माना कि इस बार private market rate सरकारी रेट से अधिक होने के कारण किसान प्राइवेट व्यापारियों की ओर झुक रहे हैं। साथ ही धान की अत्यधिक आवक से तकनीकी दिक्कतें भी आ रही हैं।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसानों को राहत देने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। वहीं, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से administration में हड़कंप मच गया और RFC कार्यालय के बाहर police force की तैनाती करनी पड़ी, ताकि किसी भी अव्यवस्था से बचा जा सके।

कुल मिलाकर, धान खरीद में delay, corruption और middlemen की भूमिका को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। कांग्रेस नेताओं का साफ कहना है कि जब तक सरकार किसानों को उनका हक नहीं देती, तब तक विरोध जारी रहेगा।