Uttarkashi's Government Model School is leaving private schools behind, know the secret of success!
जहां एक ओर पहाड़ के कई Government Schools बच्चों के अभाव में बंद हो रहे हैं, वहीं उत्तरकाशी के पुरोला ब्लॉक का एक छोटा सा गांव Udkoti शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल पेश कर रहा है।
Rajkiya Adarsh Prathmik Vidyalaya Udkoti आज न केवल क्षेत्र का सबसे उत्कृष्ट सरकारी विद्यालय बन चुका है, बल्कि यह अब अभिभावकों की first choice भी बन गया है।
इस स्कूल में वर्तमान में 72 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं — जो पुरोला ब्लॉक के किसी भी अन्य सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सबसे अधिक है। यहां के बच्चे हर साल Sainik School और Jawahar Navodaya Vidyalaya जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की competitive exams में सफलता हासिल कर रहे हैं।
Principal Prithvi Singh Rawat की मेहनत से बदली तस्वीर
इस विद्यालय को फर्श से अर्श तक पहुंचाने का पूरा श्रेय प्रधानाध्यापक Prithvi Singh Rawat को जाता है।
साल 2016 में जब वे यहां स्थानांतरित होकर आए, तब स्कूल की हालत बेहद खराब थी — न चारदीवारी थी, न व्यवस्था। पशु खुलेआम परिसर में घूमते थे।
रावत जी ने अपने निजी संसाधनों (own funds) से चारदीवारी और मरम्मत कार्य करवाया। इसके बाद उन्होंने education quality, discipline और student engagement पर ध्यान केंद्रित किया।
उनकी लगन से स्कूल की व्यवस्था सुधरी, शिक्षा का स्तर बढ़ा और छात्र संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई।
आज विद्यालय में 5 सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि एक अतिरिक्त शिक्षक को London-based businessman और social worker Raj Bhatt ने अपने खर्च पर नियुक्त किया है। यह शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ sports, cultural values और discipline की भी शिक्षा दे रहे हैं।
सम्मान और उपलब्धियां (Awards and Achievements)
विद्यालय को कई बार block और district level पर सम्मानित किया जा चुका है। जहां एक ओर पहाड़ के कई सरकारी विद्यालय closure के कगार पर हैं, वहीं उदकोटी का यह स्कूल यह साबित कर रहा है कि यदि teachers committed और visionary हों, तो सरकारी स्कूल भी private institutions को मात दे सकते हैं।
प्रधानाध्यापक रावत ने बताया कि विद्यालय में Teacher-Parent Association (TPA) के सहयोग से एक नई पहल शुरू की गई है।
इसके तहत गांव के तीन युवाओं ने आवेदन किया था, जिनमें से एक की local appointment की गई है ताकि स्कूल की गतिविधियों में और मजबूती लाई जा सके।