Budget 2026 का एक ऐलान और धड़ाम हुआ Share Market, जानिए क्या बिगड़ा

Union Budget 2026 के ऐलानों का असर सोमवार को सीधे Indian Stock Market पर देखने को मिला। जैसे ही वित्त मंत्री ने Securities Transaction Tax (STT) बढ़ाने की घोषणा की, वैसे ही बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई। शुरुआती कारोबार में Sensex Crash देखने को मिला और यह 2300 अंकों तक टूट गया, जबकि Nifty Index में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

दोपहर 12:31 बजे तक BSE Sensex 2174.33 अंक गिरकर 80,095.45 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NSE Nifty 748.50 अंक फिसलकर 24,592.15 पर आ गया। हालांकि बाद के सत्र में बाजार ने कुछ हद तक recovery दिखाई।

STT Increase बना गिरावट की बड़ी वजह

Budget Announcements 2026 में शेयर बाजार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सबसे ज्यादा असर STT hike का देखने को मिला। वायदा सौदों (Futures Trading) पर STT को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे ट्रेडर्स और निवेशकों में चिंता बढ़ गई।

इसके अलावा सरकार ने Share Buyback Tax को लेकर भी सख्ती दिखाई।

सभी शेयरधारकों के लिए बायबैक को Capital Gains Tax के दायरे में लाया गया।

Corporate Promoters पर 22 प्रतिशत टैक्स तय किया गया।

Non-Corporate Promoters के लिए टैक्स बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया।

इन घोषणाओं को बाजार ने negative trigger के रूप में लिया।

Market Volatility के बीच Sensex-Nifty में वापसी

तेज गिरावट के बाद बाजार में कुछ स्थिरता भी देखने को मिली। सुबह 10:39 बजे तक Sensex 255.96 अंक की बढ़त के साथ 82,525.74 पर पहुंच गया। वहीं Nifty भी 56.60 अंक चढ़कर 25,377.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

हालांकि शुरुआती सत्र में

Sensex 15.04 अंक गिरकर 82,254.74

Nifty 31.75 अंक फिसलकर 25,288.90

पर खुला था, जो Budget Day Volatility को दर्शाता है।

Budget Day पर Special Live Trading Session क्यों?

NSE और BSE ने बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को Special Live Trading Session आयोजित किया। इसके तहत रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार खुला रहा।

एक्सचेंजों के अनुसार, Budget Speech में टैक्स स्लैब, Fiscal Deficit और Sector-wise घोषणाओं का सीधा असर बाजार पर पड़ता है, इसलिए निवेशकों को तुरंत प्रतिक्रिया का मौका देना जरूरी था।

Sunday Trading: ऐतिहासिक फैसला

भारत के शेयर बाजार के इतिहास में इससे पहले केवल एक बार रविवार को ट्रेडिंग हुई थी।
28 फरवरी 1999 को, जब प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee थे, तब भी विशेष परिस्थितियों में बाजार खुला था।

Experts की राय: बाजार खुला रहने से क्या फायदा?

Market Experts के मुताबिक, बजट के दिन ट्रेडिंग से तीन बड़े फायदे होते हैं:

Instant Market Reaction – निवेशक तुरंत price movement देखकर फैसला ले सकते हैं।

Risk Management – सोमवार तक इंतजार करने से पैदा होने वाली अनिश्चितता कम होती है।

Transparency – Off-market speculation और अफवाहों पर लगाम लगती है।