Old Vehicles Ban: दिल्ली में पेट्रोल-डीज़ल गाड़ियों पर लगे बैन पर आएगा ब्रेक?

राजधानी दिल्ली (Delhi) में पुरानी गाड़ियों पर लगे ईंधन प्रतिबंध (fuel ban on old vehicles) को लेकर आज मंगलवार को अहम बैठक होनी है। Commission for Air Quality Management (CAQM) की इस बैठक में यह तय किया जा सकता है कि पुरानी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों (Old Petrol and Diesel Vehicles in Delhi) को राहत दी जाए या नहीं।

इस बैठक का आयोजन दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Environment Minister Manjinder Singh Sirsa) द्वारा उठाए गए सवालों के बाद किया जा रहा है।

क्या है वर्तमान नियम?

दिल्ली और NCR में:

डीज़ल वाहनों की वैधता: 10 साल

पेट्रोल वाहनों की वैधता: 15 साल

National Green Tribunal (NGT) और Supreme Court द्वारा दिए गए आदेशों के आधार पर दिल्ली में End-of-Life Vehicles के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है।

जब भी GRAP (Graded Response Action Plan) लागू होता है, तब इन पुराने वाहनों पर विशेष कार्रवाई होती है—
जैसे कि:

जुर्माना

कबाड़ में भेजना

ईंधन आपूर्ति रोकना

1 जुलाई से लगा था Fuel Ban

CAQM ने अप्रैल 2024 में एक तीन-चरणीय योजना के तहत NCR से पुराने वाहनों को हटाने का प्रस्ताव रखा था।
इसी योजना के तहत 1 जुलाई 2024 से दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन देना पूरी तरह बंद कर दिया गया।

इस कदम से आम जनता में असंतोष भी देखने को मिला और कई विरोध के स्वर उठे।

पर्यावरण मंत्री ने उठाया मुद्दा

3 जुलाई को पर्यावरण मंत्री सिरसा ने इस फैसले के खिलाफ CAQM को पत्र लिखा था। उन्होंने इस प्रतिबंध के प्रभाव और तर्क पर दोबारा विचार करने की मांग की।

CAQM सूत्रों के अनुसार, आज होने वाली बैठक में इसी पत्र में उठाए गए बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट जाने को भी तैयार सरकार

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि:

“इस नीति पर दोबारा अध्ययन और पुनर्विचार की जरूरत है। हम इस मुद्दे को सरकार की तरफ से मजबूती से उठाएंगे और उम्मीद है कि दिल्ली के हित में रचनात्मक निर्णय लिया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो Delhi Government सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगी।