Nomadic Elephant 2025: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का पहला सैन्य अभ्यास, चीन के करीब मंगोलिया में चल रही ट्रेनिंग
Indian Army ने मंगोलिया के साथ मिलकर 17वां संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसका नाम है Exercise Nomadic Elephant 2025। यह अभ्यास 31 मई से 13 जून तक मंगोलिया की राजधानी उलान बातोर (Ulaanbaatar) में आयोजित हो रहा है और यह भारत के ‘Operation Sindoor’ के बाद का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभ्यास माना जा रहा है।
Excerise का उद्देश्य क्या है?
भारत और मंगोलिया के इस मिलिट्री अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है:
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Joint Counter-Terrorism Operations की रणनीतियों को साझा करना
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अर्द्ध-शहरी और mountain warfare training पर ध्यान देना
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UN Peacekeeping Operations के लिए आपसी समन्वय बढ़ाना
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एक-दूसरे की सैन्य कार्यशैली से परिचित होना
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
किन सैनिकों ने लिया भाग और क्या हो रहा है ट्रेनिंग में?
इस अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से 45 सैनिक भाग ले रहे हैं, जिनमें अरुणाचल स्काउट्स और पर्वतीय युद्ध में प्रशिक्षित यूनिट्स शामिल हैं। वे विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग ले रहे हैं:
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Sniper shooting
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Room clearing drills
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Mountain combat techniques
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Urban warfare tactics
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Basic Cyber Warfare Awareness
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Rock climbing and survival training
यह अभ्यास सैनिकों को ऐसे हालात के लिए तैयार कर रहा है, जहाँ उन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) के आदेशों के तहत संघर्ष क्षेत्रों में नागरिकों की सहायता करनी होती है।
भारत और मंगोलिया के रिश्तों में मजबूती
India-Mongolia relations लगातार प्रगाढ़ होते जा रहे हैं। इस अभ्यास के दौरान सैनिक केवल युद्ध अभ्यास ही नहीं, बल्कि cultural exchange programs के जरिए एक-दूसरे के सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को भी समझ रहे हैं।
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दोनों देश Indo-Pacific क्षेत्र में सहयोग और regional stability को लेकर एक जैसे विचार रखते हैं।
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मंगोलिया की रणनीतिक लोकेशन (चीन और रूस के बीच) भारत के लिए कूटनीतिक और रक्षा रणनीति में अहम है।