“नितिन गडकरी ने बताया, कैसे बनेगा भारत का पूर्वोत्तर अमेरिका के जैसे हाईवे नेटवर्क”

आने वाले दो वर्षों में केंद्र सरकार 10 लाख करोड़ रुपये से हाईवे नेटवर्क का विकास करेगी, गडकरी ने कहा – ‘पूर्वोत्तर की सड़कें बनेंगी अमेरिका जैसी’

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि केंद्र सरकार अगले दो वर्षों में पूरे देश में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस पहल का विशेष ध्यान पूर्वोत्तर क्षेत्र पर होगा, जहां सड़क नेटवर्क को अमेरिका के मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य है। गडकरी ने बताया कि इस निवेश से देशभर में सड़कों की गुणवत्ता और नेटवर्क की लंबाई में सुधार होगा।

पूर्वोत्तर में शुरू होंगे 784 हाईवे प्रोजेक्ट्स

गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 784 हाईवे परियोजनाओं का संचालन करेगी, जिनकी अनुमानित लागत 3.73 लाख करोड़ रुपये होगी। इन परियोजनाओं के तहत, असम और बिहार में क्रमशः 57,696 करोड़ रुपये और 90,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले से चल रही हैं। इसके अलावा, नागपुर में 170 करोड़ रुपये की लागत से एक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट पायलट प्रोजेक्ट भी जारी है।

भारत के हाईवे नेटवर्क का होगा विस्तार

गडकरी ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के प्रयासों से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की लंबाई में भारी वृद्धि हुई है। मार्च 2014 में जहां यह नेटवर्क 91,287 किलोमीटर था, वहीं अब इसकी लंबाई बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर हो गई है। यह वृद्धि भारत के बुनियादी ढांचे के सुधार में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सड़कों की गुणवत्ता और यातायात की सुगमता में भी सुधार होगा।

उद्देश्य: उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुधार

गडकरी ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य देशभर की सड़कों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुधारना है। खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में, जहां भौगोलिक चुनौतियों के कारण सड़क निर्माण की प्रक्रिया जटिल हो जाती है। इस क्षेत्र की सड़कें अमेरिका की सड़कों की तरह मजबूत और सुरक्षित बनाई जाएंगी, ताकि वहां की यातायात सुविधाओं को बेहतर किया जा सके।

केंद्र सरकार का यह 10 लाख करोड़ रुपये का हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भारतीय सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल है। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम होगा, जो क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देगा। नितिन गडकरी का यह प्रयास देश की सड़कों को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप बनाने का है, जिससे न केवल यातायात की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा मानक भी बेहतर होंगे।