आगरा में पकड़ा गया नाइजीरियन गैंग, MD ड्रग्स का नेटवर्क फैला रहा था युवाओं में खतरनाक नशा

आगरा में नाइजीरियन गैंग का MD ड्रग्स नेटवर्क पकड़ा गया, 8-10 हजार में बिक रही एक पुड़िया
आगरा: यूपी की ताजनगरी में युवाओं के बीच सिगरेट और शराब से आगे बढ़कर खतरनाक ड्रग्स का चलन बढ़ गया है। सबसे ज्यादा मांग में है एमडी (MD या मेफेड्रोन) नामक नशा। हरीपर्वत पुलिस ने आगरा में एमडी सप्लाई करने वाले नाइजीरियन गैंग के दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों ऑन-डिमांड ड्रग्स सप्लाई करते थे। जानकारी के अनुसार, एक पुड़िया की कीमत 8-10 हजार रुपये थी।

कैसे पकड़े गए आरोपी

इंस्पेक्टर नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि संजय प्लेस से चेकिंग के दौरान मैनपुरी निवासी सुधांशुपाल और रितिक उर्फ चंदन शर्मा को पकड़ा गया।

सुधांशुपाल पॉलीटेक्निक का छात्र है और उसके पिता रेलवे से रिटायर हैं।

दिल्ली में रैपिडो ड्राइवर के रूप में काम करते समय उसकी मुलाकात बैनी नामक नाइजीरियन युवक से हुई।

बैनी ने उसे अपने जाल में फंसाया और ड्रग्स सप्लाई का काम दिया।

शुरुआत में उसे प्रति चक्कर 8 हजार रुपये मिलते थे।

बैनी ने उसे डिब्बी में एमडी गोलियां भेजी और आगरा में ग्राहक की Google लोकेशन के जरिए डिलीवरी करवाई।

सुधांशुपाल ने बाद में अपने दोस्त चंदन शर्मा को भी इसमें शामिल कर लिया।

पुलिस ने तलाशी में आरोपी के पास से 8.5 ग्राम एमडी, 9 किलोग्राम से अधिक गांजा और 70 हजार रुपये बरामद किए। दोनों आरोपी कार से आए थे, जिसे भी पुलिस ने सीज कर लिया।

एमडी का नशा क्यों खतरनाक है

पुलिस ने बताया कि एमडी (MD/Mephadrone) या MDMA (मेथिलीन डाइऑक्सीमेथामफेटामाइन) एक सिंथेटिक नशा है।

यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है।

सेवन के बाद व्यक्ति अत्यधिक ऊर्जावान और खुश महसूस करता है।

मस्तिष्क में डोपामाइन, सेरोटोनिन और नॉरपेनेफ्रिन का स्तर बढ़ जाता है।

अधिक सेवन करने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और मौत तक हो सकती है।

पुलिस ने आगरा में युवाओं को इस खतरनाक ड्रग्स से सावधान रहने की चेतावनी दी है।