Next CJI of India: Justice BR Gavai कौन हैं, क्यों माने जाते हैं संविधान विशेषज्ञ?

भारत के सुप्रीम कोर्ट को जल्द ही एक नया Chief Justice मिलने जा रहा है। न्यायमूर्ति बीआर गवई (Justice BR Gavai) देश के अगले Chief Justice of India बनने वाले हैं। वह कई अहम संविधान पीठों का हिस्सा रहे हैं और उनके फैसले भारत की न्याय प्रणाली में मील का पत्थर माने जाते हैं।

 Article 370 Verdict में निभाई अहम भूमिका

Justice Gavai पांच जजों वाली उस संविधान पीठ में शामिल थे जिसने दिसंबर 2023 में Article 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को सर्वसम्मति से सही ठहराया। यह फैसला जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले प्रावधान को निरस्त करने से जुड़ा था और इसपर पूरे देश की निगाहें थीं।

नोटबंदी पर भी थी इनकी मुहर

वर्ष 2016 में 500 और 1000 के नोटों को चलन से बाहर करने के केंद्र सरकार के फैसले (Demonetisation) को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से वैध ठहराया। इस पीठ में भी Justice Gavai शामिल थे। यह फैसला लंबे समय से विवादों में रहा है और इसकी संवैधानिकता को लेकर कई याचिकाएं दाखिल हुई थीं।

 चुनावी बॉन्ड योजना को किया रद्द

Justice BR Gavai ने हाल ही में उस संविधान पीठ का भी हिस्सा निभाया, जिसने Electoral Bonds Scheme को असंवैधानिक घोषित किया। यह फैसला भारत की राजनीतिक फंडिंग प्रणाली को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना गया।

 बुलडोजर एक्शन पर भी दिखाया न्यायिक सख्ती

Bulldozer Action से जुड़े एक मामले में Justice Gavai के नेतृत्व वाली पीठ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी संपत्ति को बिना Show Cause Notice दिए ध्वस्त नहीं किया जा सकता। यह फैसला खासकर उन राज्यों में चर्चा का विषय बना जहां अतिक्रमण हटाने के नाम पर अचानक कार्रवाई हो रही थी।

अनुसूचित जातियों में उप-वर्गीकरण को दी संवैधानिक मंजूरी

Justice Gavai उस सात-सदस्यीय संविधान पीठ का भी हिस्सा थे, जिसने 6:1 के बहुमत से माना कि राज्य सरकारों को SC वर्गों में उप-वर्गीकरण करने का अधिकार है, जिससे सबसे पिछड़े समुदायों को सही मायनों में आरक्षण का लाभ मिल सके।

 

 Justice BR Gavai का निजी और पेशेवर जीवन

Justice Gavai का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उन्होंने 1985 में वकालत की शुरुआत की और 1987 तक बॉम्बे हाईकोर्ट के जज रहे बार राजा एस. भोंसले के साथ कार्य किया। बाद में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस की। उनके पिता आर. एस. गवई बिहार और केरल के राज्यपाल रह चुके हैं।

Justice BR Gavai को संविधान और मानवाधिकार से जुड़े मसलों का गहरा ज्ञान रखने वाला जज माना जाता है। उनके आने वाले कार्यकाल में न्यायपालिका में कई और बड़े बदलाव और फैसलों की उम्मीद की जा रही है।