5-10 लाख में बेचे जा रहे नवजात! Delhi Police ने Baby Selling Racket का किया भंडाफोड़

Delhi NCR में Newborn Babies की खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा, अमीर परिवारों की हो रही पहचान

Human Trafficking in Delhi NCR: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे newborn baby selling syndicate का खुलासा किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों से नवजात बच्चों को चोरी कर दिल्ली-NCR के अमीर परिवारों को बेचता था। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस रैकेट में high-profile families भी शामिल हैं, जो इन बच्चों को illegal adoption के ज़रिए अपना रही थीं।

कहां से लाए जाते थे नवजात और कैसे होती थी डील?

दिल्ली के Dwarka District Police के अनुसार, यह गिरोह राजस्थान और गुजरात के tribal और economically weaker sections से नवजात बच्चों को चुराकर दिल्ली-NCR के infertile rich couples को बेचता था। इस गिरोह की गतिविधियाँ अंतरराज्यीय स्तर पर फैली हुई थीं।

8 अप्रैल 2025 को पुलिस ने एक secret intelligence operation के तहत गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों – यास्मीन, अंजलि और जितेन्द्र को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार किया। इनके पास से एक तीन दिन का नवजात बच्चा भी बरामद हुआ। गिरोह की मास्टरमाइंड सरोज अभी फरार है और उसकी तलाश के लिए लगातार रेड की जा रही है।

बच्चों की कीमत क्या लगाई जाती थी?

जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह की लीडर सरोज ही rich clients से डील करती थी। वह नवजात बच्चों को 5 से 10 लाख रुपये में बेचती थी। कार्य विभाजन इस प्रकार था:

  • यास्मीन बच्चों को चुराने का काम करती थी,

     

  • अंजलि बच्चों की डिलीवरी और सौदे में सक्रिय रहती थी,

     

  • पैसे की वसूली और क्लाइंट से बातचीत सरोज के जिम्मे होती थी।

     

गौर करने वाली बात यह है कि CBI पहले ही एक बार अंजलि को human trafficking case में गिरफ्तार कर चुकी है। जमानत पर बाहर आने के बाद वह दोबारा इसी धंधे में शामिल हो गई।

पुलिस को कैसे चला रैकेट का पता?

दिल्ली पुलिस ने 20 से ज्यादा suspected mobile numbers की Call Detail Records (CDRs) का विश्लेषण किया। लगातार 20 दिन तक चले इस surveillance operation में पुलिस ने इनपुट्स के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। DCP अंकित चौहान के अनुसार, पुलिस की अलग-अलग टीमें अभी अन्य राज्यों में भी कार्रवाई कर रही हैं।

क्या होगा उन अमीर परिवारों का जिन्होंने बच्चे खरीदे?

अब पुलिस उन elite families की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इन नवजातों को गैरकानूनी तरीके से गोद लिया है। यदि ये साबित होता है कि इन्होंने बच्चे illegal means से खरीदे हैं, तो उनके खिलाफ भी legal action under child trafficking laws लिया जा सकता है। जिन बच्चों को बेचा गया है, उनकी पहचान और पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।