Motiram Jat Arrested: Pak agent had set up a web of funding and espionage by posing as a female journalist
पाकिस्तान ने भारत में अपना spy network मजबूत करने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जो जितना चौंकाने वाला है, उतना ही खतरनाक भी। CRPF के एक अफसर मोती राम जाट की गिरफ्तारी के बाद NIA ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान ने innocent Indians को इस्तेमाल करके देश के भीतर espionage network की फंडिंग की – वो भी उन्हें बिना बताए।
QR Code Scam से फंडिंग, भारतीय नागरिक बने अनजाने में पार्ट
Investigation Reports के मुताबिक, पाकिस्तान ने सीधे पैसे भेजने की बजाय अलग तरीका चुना। ट्रैवल बुकिंग, करेंसी एक्सचेंज या अन्य छोटे लेन-देन करने वालों को QR कोड या बैंक डिटेल्स भेजी गईं – जो असल में Motiram Jat के बैंक अकाउंट से जुड़ी थीं। ये सभी लोग सोचते रहे कि वो किसी सर्विस का पेमेंट कर रहे हैं, जबकि असल में वे एक देशद्रोही को फंड कर रहे थे।
“कई लोग unknowingly एक ISI spy को पैसे भेज रहे थे,” – NIA सोर्स
Layered Fund Trail ने NIA की जांच को बनाया पेचीदा
Financial layering technique के कारण जांच और जटिल हो गई। Multiple states – जैसे दिल्ली, यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान – से कई ट्रांजैक्शन हुए, जिससे जांच एजेंसियों के लिए transaction mapping चुनौती बन गया।
पहलगाम आतंकी हमले से 5 दिन पहले हुआ था ट्रांसफर
मोती राम जाट CRPF की 116वीं बटालियन में तैनात थे और 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले से महज 5 दिन पहले उन्हें दिल्ली ट्रांसफर किया गया। उस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। 2023 से वह पाकिस्तान के PIOs (Pakistani Intelligence Officers) से जुड़ा हुआ था और classified defense movements व सुरक्षा रिपोर्टें साझा कर रहा था।
जासूसी के बदले “सैलरी” और खास जानकारी के लिए बोनस
NIA की रिपोर्ट के अनुसार, जाट को हर महीने ₹3,500 मिलते थे और अगर कोई अहम जानकारी होती तो ₹12,000 तक की रकम भी दी जाती थी। ये पैसे उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर होते थे।
महिला पत्रकार बनी ‘हनी ट्रैप’, फिर आया पुरुष एजेंट
Fake Identity Trap के तहत सबसे पहले एक महिला ने खुद को चंडीगढ़ की TV Journalist बताकर जाट से संपर्क किया। कॉल्स और मैसेज के जरिए वो उससे जानकारी लेने लगी। कुछ महीनों बाद एक male agent, जिसने खुद को पत्रकार बताया, उससे जुड़ गया। ट्रांजैक्शन हर महीने की 4 तारीख को होते थे, जिससे यह साफ होता है कि यह एक organized and financed network था।
Kolkata से लेकर Delhi तक छापेमारी, कई सबूत जब्त
एनआईए ने दिल्ली के अलावा कोलकाता के Khidderpore, Alipore और Park Circus में रेड की। इसमें ट्रैवल एजेंसियां, होटल और दुकानें शामिल थीं। एक ट्रैवल एजेंसी के मालिक से पूछताछ की गई है। Electronic devices, suspicious documents और financial records जब्त किए गए हैं।
Ministry of Home Affairs को Alert, NIA ने दी रिपोर्ट
एनआईए ने इस पूरे मामले को confirmed espionage case बताया है और गृह मंत्रालय, सीआरपीएफ तथा अन्य एजेंसियों को इसकी जानकारी दी है।
“Pakistani handlers ने नए तरीके से भारत में जासूसी को फंड किया है,” – NIA