Mohan Bhagwat का Mission UP: क्या 2025 की तैयारी में है RSS?

Mission Uttar Pradesh: मोहन भागवत की लखनऊ यात्रा का क्या है मकसद?

RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) इस वर्ष अपनी 100th anniversary यानी शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस उपलक्ष्य में देशभर में विविध RSS events, संगोष्ठियाँ और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में RSS Chief Mohan Bhagwat लगातार यूपी दौरे पर हैं। वाराणसी और मिर्जापुर प्रवास के बाद वे मंगलवार को Lucknow Visit पर पहुंचे।

Mission UP: संघ के विस्तार की रणनीति

लखनऊ में मोहन भागवत ने RSS headquarters Bharti Bhavan में संघ के शताब्दी समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक चली RSS internal meeting में Awadh Prant के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य लक्ष्य है – हर घर, हर मोहल्ले तक शाखा की पहुंच। इसके लिए निष्क्रिय हो चुके पुराने प्रचारकों को फिर से सक्रिय करने की योजना बनाई गई है।

Inactive Karyakartas को दोबारा जोड़ने की रणनीति

Mann Theek’ initiative के तहत मोहन भागवत ने उन स्वयंसेवकों से संवाद किया जो पिछले वर्षों में संघ से दूरी बना चुके थे। RSS का मानना है कि experienced and senior volunteers को पुनः सक्रिय करना संगठन के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

उनके साथ Prant Pracharak और अन्य वरिष्ठ संघ कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

संघ प्रमुख का संत समाज से संवाद

लखनऊ में कार्यक्रमों के बाद मोहन भागवत Lakhimpur Kheri के लिए रवाना हो गए। वहां वे Kabirdham Satsang Samagam में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। साथ ही Sant Asang Dev Maharaj से भी भेंट करेंगे।

RSS-Sant Samvad को संघ के सामाजिक विस्तार का हिस्सा माना जा रहा है। लखीमपुर में वे भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे, जो Bhakt Niwas Project का हिस्सा है।

Kashi-Mathura Movement को लेकर बदली रणनीति?

मोहन भागवत का यूपी दौरा ऐसे समय हो रहा है जब संघ ने Kashi और Mathura को लेकर अपने रुख में परिवर्तन किया है। पहले जहां RSS ने अयोध्या के बाद आगे न बढ़ने का फैसला किया था, अब प्रचारकों को इन आंदोलनों से जुड़ने की अनुमति दी गई है।

RSS 100 Years: Centenary Celebrations in Full Swing

RSS की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर nationwide celebrations की श्रृंखला चल रही है। इस सिलसिले में मोहन भागवत का यह उत्तर प्रदेश दौरा अहम माना जा रहा है। वाराणसी, मिर्जापुर और अब लखनऊ के बाद वे अगले कुछ दिनों में अन्य जिलों में भी कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।