Mahendra Bhatt embroiled in controversy over alleged remarks about students; Unemployed Union issues 24-hour ultimatum.
उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt के छात्रों को लेकर दिए गए कथित बयान पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। Uttarakhand Berojgar Sangh ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया के जरिए महेंद्र भट्ट से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में माफी नहीं मांगी गई, तो छात्र आगे की रणनीति पर निर्णय लेंगे।
किस बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद?
विवाद उस समय शुरू हुआ जब महेंद्र भट्ट ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों का जिक्र किया। विपक्ष और छात्र संगठनों का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने छात्रों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया।
यह कथित बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई और कई छात्र संगठनों ने इसे छात्रों के सम्मान के खिलाफ बताया।
बेरोजगार संघ ने दी खुली चेतावनी
Uttarakhand Berojgar Sangh ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर महेंद्र भट्ट सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी नहीं मांगते हैं, तो प्रदेश के छात्र अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई का फैसला करेंगे।
संगठन का कहना है कि छात्रों के लिए अपमानजनक भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती और सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं को अपने शब्दों के चयन में संयम बरतना चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद महेंद्र भट्ट ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और उन्होंने छात्रों के लिए कोई अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं किया।
उनके अनुसार, उन्होंने जिस शब्द का प्रयोग किया था, उसका अर्थ और संदर्भ अलग था, लेकिन विपक्ष ने उसे गलत तरीके से प्रचारित कर विवाद खड़ा करने की कोशिश की।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर छात्र संगठन और विपक्ष इस मुद्दे पर महेंद्र भट्ट से माफी की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा का कहना है कि बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में बढ़ता है और छात्र संगठन अपनी अगली रणनीति क्या तय करते हैं।