Jammu-Kashmir Floods: चिनाब और झेलम उफान पर, पुलवामा-राजोरी में तबाही

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों से लगातार मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के चलते flood, landslide और waterlogging जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन ने relief and rescue operations में तेजी लाई है, लेकिन कई इलाके अब भी संकट में हैं।

प्राकृतिक आपदा में मौतें और नुकसान

राजोरी जिला, सुंदरबनी तहसील: एक घर गिरने से मां और बेटी की मौत।

कठुआ जिला: रंजीत सागर डैम का जलस्तर खतरे के निशान पर, किसी भी समय पार होने की आशंका।

कई घर, सड़कें और बुनियादी ढांचा प्रभावित।

सड़क और हाईवे प्रभावित

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग: उधमपुर, गौलमेला क्षेत्र में हाईवे धंसने से आवागमन बंद।

कठुआ का बसोहली मार्ग: 12 दिन से बंद।

लखनपुर-महानपुर मार्ग: 1 महीने से बंद।

जोजिला अंडरपास और मुगल रोड: भूस्खलन के कारण यातायात बाधित।

नदी-नालों का खतरे का स्तर

चिनाब नदी: जलस्तर 36.5 फीट, डिस्चार्ज 2.55 लाख क्यूसेक।

झेलम नदी: संगम और राम मुंशी बाग में खतरे के निशान के करीब।

शिक्षा प्रभावित

कुलगाम, पुलवामा, गांदरबल: घरों और स्कूलों में पानी घुस गया।

सभी स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं स्थगित।

SDRF और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा।

बारिश के आंकड़े (पिछले 24 घंटे)

कश्मीर क्षेत्र:

काजीगुंड: 82.0 मिमी

कोकरनाग: 82.4 मिमी

पहलगाम: 64.4 मिमी

पंपोर: 56.5 मिमी

कुलगाम: 46.2 मिमी

श्रीनगर एयरपोर्ट: 42.6 मिमी

जम्मू क्षेत्र:

कटड़ा: 212.1 मिमी

बटोट: 176.5 मिमी

भद्रवाह: 116.2 मिमी

बनीहाल: 107.2 मिमी

जम्मू: 86.5 मिमी

लद्दाख में मौसम का असर और पर्यटन

लद्दाख में भी कई सड़कें बंद।

23-28 सितंबर: महान हिमालयन एडवेंचर फेस्टिवल।

लद्दाख मैराथन: 12वां संस्करण आयोजित।

प्रशासन की चेतावनी और पीएम दौरे की चर्चा

गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा के बाद पीएम मोदी के दौरे की संभावना।

प्रशासन ने लोगों से unnecessary travel से बचने और weather alerts का पालन करने की अपील।