क्या बिगड़ रहा है Mahayuti का Political Equation? शिंदे ने शाह से की खास मुलाकात

महाराष्ट्र की राजनीति में ‘Meeting Kand’ से पैदा हुए विवाद के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, शिंदे ने शाह को बताया कि महायुति (Mahayuti) के भीतर ही कुछ नेता ऐसे कदम उठा रहे हैं जो आगामी Local Body Elections में गठबंधन के लिए बने अनुकूल माहौल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

BJPShiv Sena सूत्रों का दावा: “कुछ नेता Political Environment खराब कर रहे हैं”

सूत्रों के अनुसार शिंदे ने शाह को कहा कि महायुति की 2024 विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद स्थानीय निकाय चुनावों के लिए हवा सकारात्मक है, लेकिन भीतर ही कुछ लोग “Political Environment disturb” करने की कोशिश में लगे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे व्यवधान सीधे तौर पर विपक्ष को फायदा पहुंचा सकते हैं और गठबंधन की जीत की संभावनाओं को कमजोर कर सकते हैं।

कैबिनेट मीटिंग में शिवसेना मंत्रियों की गैरमौजूदगी से बढ़ा तनाव

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब एक दिन पहले ही शिवसेना (शिंदे गुट) के कई मंत्री राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

इन मंत्रियों की नाराजगी का कारण BJP द्वारा Shiv Sena Leaders Poaching यानी नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश बताई जा रही है।

कैबिनेट बैठक में केवल एकनाथ शिंदे ही मौजूद थे।

मामला तब शांत हुआ जब शिंदे की अगुवाई में शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से मुलाकात की और यह तय हुआ कि: महायुति के किसी भी सहयोगी दल को एक-दूसरे की पार्टी के office-bearers, leaders,और workers को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करना चाहिए।

शिंदे ने शाह को क्या बताया?

एक सूत्र ने बताया कि शिंदे ने शाह से कहा: “स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति के लिए माहौल बहुत अच्छा है, लेकिन कुछ नेता इस माहौल को बिगाड़कर विपक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।”

Media Reports को लेकर भी जताई नाराजगी

सूत्रों ने यह भी बताया कि शिंदे ने शाह को बताया कि हाल के दिनों में लगातार:

misleading news,

speculative reports और political rumours फैलाए जा रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं में असमंजस बढ़ रहा है। शिंदे का कहना था कि ऐसी गलत खबरें पार्टी कैडर का मनोबल गिराती हैं और इससे चुनावी तैयारी पर असर पड़ रहा है।