Increasing cold in Uttarakhand has stalled power generation, a power crisis may soon occur.
उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड ने power generation पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। तापमान तेजी से गिरने के कारण पहाड़ी इलाकों में बने ज्यादातर hydropower projects पूरी क्षमता से चल नहीं पा रहे हैं। कई यूनिट्स, खासकर Obra L Power Station, अपनी installed capacity से काफी कम बिजली दे रही हैं। इससे राज्य की बिजली आपूर्ति पर बड़ा दबाव बन गया है।
स्थिति को देखते हुए पहली बार UJVNL बाजार से लगभग 5% अतिरिक्त बिजली खरीदने की तैयारी कर रहा है। विभाग के अधिकारियों ने माना कि कई यूनिट्स में emergency repair work चल रहा है, लेकिन मांग लगातार बढ़ने से uninterrupted सप्लाई देना चुनौती बन गया है।
15–20% तक गिरा Production, 20% बढ़ी Demand
ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार,
तकनीकी खराबियों और
ठंड की वजह से operational processes धीमी होने
के कारण मशीनें फुल क्षमता पर काम नहीं कर पा रहीं। सामान्य दिनों की तुलना में इस हफ्ते उत्पादन 15–20% कम हो गया है।
वहीं, सर्दी बढ़ने के साथ मांग में लगभग 20% की वृद्धि दर्ज की गई है। गीजर, हीटर और अन्य electrical appliances के उपयोग में अचानक उछाल से लोड बढ़ गया है।
इस demand-supply gap की वजह से State Load Despatch Centre को कई जिलों में तय समय से अधिक power cuts करने पड़े हैं।
अधिकारियों की सफाई: स्थिति अस्थायी, जल्द सुधार की उम्मीद
विभाग का दावा है कि हालात अस्थायी हैं, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, बिजली की मांग और चढ़ेगी। यदि उत्पादन जल्द स्थिर नहीं हुआ तो बाजार से और बिजली खरीदनी होगी, जिससे
UPCL और
UJVNL
पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबी चली तो आगे चलकर tariff hike की भी संभावना बन सकती है।
ऊर्जा सचिव आर. मीणाक्षी सुंदआर्म ने कहा कि ठंड के कारण तकनीकी समस्याएं बढ़ी हैं, लेकिन मरम्मत तेज़ी से चल रही है।
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक स्रोतों से बिजली खरीदकर सप्लाई को सामान्य रखने की कोशिश की जा रही है, और उम्मीद है कि स्थिति कुछ दिनों में ठीक हो जाएगी।
क्या है मौजूदा Power Situation?
सर्दियों में अनुमानित मांग: 5.5 करोड़ यूनिट
फिलहाल मांग: लगभग 4 करोड़ यूनिट
घाटा: लगभग 20 लाख यूनिट
UJVNL उत्पादन: 90 लाख यूनिट (सर्दी से पहले 2 करोड़ यूनिट से अधिक)
सेंट्रल पूल से सप्लाई: 1.3 करोड़ यूनिट
बढ़ती खपत और घटते उत्पादन के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है।
Geothermal Energy Policy से बढ़ी उम्मीदें
देहरादून में आयोजित 6th International Science & Technology Festival में सचिव सुंदारम ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने Geothermal Energy Policy लागू की है।
केंद्र सरकार इस मॉडल को भविष्य की ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में अपनाने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए green energy sources को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।