Axiom Space, NASA और SpaceX का ऐतिहासिक मिशन: 3 देशों के अंतरिक्ष यात्री 15 दिन की कक्षा यात्रा पर

Axiom Space, NASA, और SpaceX के सहयोग से लॉन्च हुआ Axiom Mission 4 कई देशों के लिए इतिहास रचने वाला मिशन बन गया है। इस मिशन ने भारत, पोलैंड और हंगरी – तीन देशों को लगभग 40 वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर अंतरिक्ष में इंसानी मौजूदगी का गौरव दिलाया।

इस मिशन के तहत Crew Dragon Capsule में सवार चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में हैं और 15 दिनों तक International Space Station (ISS) पर रहकर वैज्ञानिक अनुसंधान करेंगे। इनमें भारत के शुभांशु शुक्ला, पोलैंड के Slawosz Uznanski-Wisniewski और हंगरी के Tibor Kapu शामिल हैं।

एक नई पीढ़ी के अंतरिक्ष यात्रियों की उड़ान

इन देशों के अंतिम अंतरिक्ष यात्री 1970-80 के दशक में सोवियत मिशनों (Soviet Missions) पर गए थे।

  • भारत के राकेश शर्मा ने 1984 में Salyut 7 Space Station की यात्रा की थी।

  • पोलैंड के Mirosław Hermaszewski ने 1978 में Soyuz 30 के ज़रिए अंतरिक्ष में कदम रखा था।

  • हंगरी के Bertalan Farkas 1980 में Soyuz 36 के साथ ISS पहुंचे थे।

इनकी तुलना में Axiom 4 मिशन के यात्री वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ान (Commercial Spaceflight) के प्रतीक हैं – तकनीकी प्रगति और वैश्विक सहयोग का अद्भुत उदाहरण।

भारत के लिए Axiom 4 क्यों है ऐतिहासिक?

भारत के लिए यह मिशन सिर्फ एक भागीदारी नहीं, बल्कि भविष्य के Gaganyaan Mission और Indian Human Spaceflight Program की नींव है। ISRO ने इसे 2027 में लॉन्च करने की योजना बनाई है और 2035 तक भारत का खुद का Indian Space Station स्थापित करने की भी रणनीति बनाई जा रही है।

शुभांशु शुक्ला ने कक्षा में पहुंचते ही हिंदी में कहा –

“क्या शानदार यात्रा थी। यह सिर्फ मेरी नहीं, भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है।”

SpaceX और Crew Dragon ‘Grace’ की अंतिम उड़ान

Axiom Mission 4 के साथ SpaceX ने अपने पांचवें और अंतिम Crew Dragon VehicleGrace’ को लॉन्च किया, जो अब Endeavour, Resilience, Endurance, और Freedom के साथ शामिल हो गया है। भविष्य में SpaceX इन्हें धीरे-धीरे Starship Program के लिए phase-out करने वाला है।

Falcon 9 रॉकेट ने Crew Dragon को कक्षा में पहुँचाया और प्रक्षेपण के महज 8 मिनट बाद फ्लोरिडा स्थित Kennedy Space Center पर लौट आया।

Docking Schedule और Mission Duration

स्पेसक्राफ्ट को गुरुवार 11:00 GMT (16:30 IST) पर ISS से डॉक करना था। मिशन दो सप्ताह तक स्टेशन से जुड़ा रहेगा, इसके बाद सभी अंतरिक्ष यात्री धरती पर लौटेंगे।

Mission Commander Peggy Whitson ने कहा:

“हमारा मिशन विज्ञान, संयोजन और विनम्रता का प्रतीक है। पृथ्वी की पृष्ठभूमि में यह अनुभव अविश्वसनीय है।”