नए साल से ठीक पहले देशभर में Gig Workers Strike शुरू हो गई है, जिसका सीधा असर 10 minute delivery services और food delivery platforms पर देखने को मिल रहा है। Indian Federation of App-Based Transport Workers (IFAT) के बैनर तले गिग वर्कर्स ने nationwide strike का ऐलान किया है। हड़ताल की वजह से Swiggy, Zomato, Zepto और Amazon जैसे प्लेटफॉर्म्स पर डिलीवरी समय और ऑर्डर्स दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
Gig Workers की मुख्य मांगें क्या हैं?
गिग वर्कर्स का कहना है कि मौजूदा pay structure उनके काम के अनुरूप नहीं है। उनकी प्रमुख मांगों में
10 minute delivery option को पूरी तरह खत्म करना
delivery payment hike
पुराना rate card system बहाल करना
इंश्योरेंस और एक्सीडेंट क्लेम की सुविधा
शामिल हैं। राइडर्स का कहना है कि तेज डिलीवरी के दबाव में उनकी सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।
‘14 घंटे काम के बाद भी सही भुगतान नहीं’
हड़ताल में शामिल एक फूड डिलीवरी एजेंट ने बताया कि राइडर्स को 14–15 hours daily work करने के बावजूद महज 700–800 रुपये ही मिल पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर किसी कारण से ऑर्डर कैंसिल होता है, तो उसका penalty भी राइडर को ही भरना पड़ता है। कंपनी की ओर से न तो पर्याप्त बीमा मिलता है और न ही सुरक्षा की गारंटी।
Accident Claim और Insurance पर सवाल
एक अन्य राइडर ने बताया कि हाल ही में दिल्ली के बाराखंबा इलाके में एक डिलीवरी एजेंट का एक्सीडेंट हुआ, लेकिन उसे accident insurance claim नहीं मिला। अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। मजबूरी में साथी राइडर्स ने आपस में पैसे इकट्ठा कर उसकी मदद की।
Delivery Orders पर बड़ा असर संभव
IFAT के प्रतिनिधि शेख सलाहुद्दीन के अनुसार, 25 दिसंबर की हड़ताल के दौरान 50–60% orders impacted हुए थे। उनका कहना है कि 31 दिसंबर को इसका असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ चेतावनी नहीं बल्कि गिग वर्कर्स की असल समस्याओं को सामने लाने की कोशिश है।
केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग
संघ की ओर से Central Government और State Governments से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है। गिग वर्कर्स का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।