Terrorism के खिलाफ भारत के साथ खड़ा हुआ Germany, पाक पर कार्रवाई को बताया जरूरी

आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलता जा रहा है। ताजा उदाहरण सामने आया है जर्मनी से, जहां बुंडेस्टाग (German Parliament) के वरिष्ठ सांसदों ने भारत के कदमों का समर्थन किया और पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई को ‘आवश्यक और समझने योग्य’ बताया।

भारत-जर्मनी के बीच मजबूत ‘Global Partnership’

भारतीय सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने की, ने जर्मन संसद के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष आर्मिन लाशेट, सांसद राल्फ ब्रिंकहाउस, ह्यूबर्टस हील और जुर्गेन हार्ड्ट से मुलाकात की।

बैठक में पहल्गाम आतंकी हमले समेत वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई। जर्मन सांसद लाशेट ने कहा:

“Germany और India के बीच भरोसेमंद साझेदारी है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में हम साथ हैं। हमें Dialogue और Ceasefire बनाए रखना चाहिए, क्योंकि Peace सभी के लिए ज़रूरी है।

भारत की ‘Zero Tolerance Policy’ को सराहा

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance Policy और Nuclear Blackmail के सामने न झुकने के भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने साफ कर दिया कि भारत किसी भी हाल में अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

जर्मन सांसदों की सख्त टिप्पणी: “Pakistan को खत्म करने होंगे आतंकी ठिकाने”

जर्मन सांसद जुर्गेन हार्ड्ट ने स्पष्ट कहा कि:

हमने Pakistan Government से कहा है कि वे अपने देश में Active Terror Groups को खत्म करें। हमें उम्मीद है कि India ऐसे Conflicts को Peaceful तरीके से सुलझाने का Framework बनाएगा, लेकिन हम भारत की Action को समझते हैं।

 भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देश: जर्मन डिप्टी स्पीकर

जर्मन संसद के उपाध्यक्ष ओमिद नूरीपुर ने कहा कि:

भारत आतंकवादी हमलों से सबसे अधिक प्रभावित देश है। Extremism न सिर्फ लोगों की जान के लिए खतरा है बल्कि Institutions और Democracy में भरोसे को भी नुकसान पहुंचाता है।”

उन्होंने Global Cooperation against Terrorism की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अलग-अलग देशों से लौटे प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें एक था सुप्रिया सुले (NCP) के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल जो कतर, साउथ अफ्रीका, इथियोपिया और मिस्त्र से लौटा था। वहीं दूसरा शिवसेना के श्रीकांत शिंदे का प्रतिनिधिमंडल था, जो UAE, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन की यात्रा से वापस आया है।