Gaya, Bihar: देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति Droupadi Murmu का गया जी (Gaya Ji) आगमन ऐतिहासिक रहा। शनिवार की सुबह राष्ट्रपति ने Vishnupad Mandir में पिंडदान किया और ऐसा करने वाली पहली राष्ट्रपति बन गईं। इससे पहले भारत के राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण और ज्ञानी जैल सिंह गया जी आए थे, लेकिन उन्होंने पिंडदान नहीं किया था।
Shambhu Lal Vitthal, अध्यक्ष Vishnupad Prabandhakarini Samiti, ने बताया कि गया जी में किसी राष्ट्रपति द्वारा पिंडदान करना पहली बार हुआ। यह दिन गया जी और विशेषकर विष्णुपद मंदिर के इतिहास में यादगार बन गया।
पिंडदान की विशेष प्रक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Chandi ke bartan (Silver Utensils) का उपयोग करते हुए विष्णुपद मंदिर के हरि मंडप में पिंडदान किया। गयापाल Mangal Jhangar के अनुसार, राष्ट्रपति ने पूरी विधि (traditional ritual) के साथ पिंडदान किया।
चांदी के पांच कलश पर नारियल रखकर स्थापना
पिंडदान में चांदी के पांच सेट बर्तन और अन्य पात्रों का उपयोग
चांदी के पात्र से तर्पण और अरघा
बही-खातों पर नाम, पता और हस्ताक्षर
इस पूरी प्रक्रिया ने गया जी में पिंडदान को historical event बना दिया।
सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत
राष्ट्रपति के आगमन के दौरान Vishnupad area की सुरक्षा कड़ी रही। विष्णुपद मंदिर के पिछले दरवाजे और आसपास के इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित किया गया। सुरक्षा में DM Shashank Shubhankar, SSP Anand Kumar सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 9:15 बजे Gaya International Airport पहुंचीं। उनका स्वागत बिहार के राज्यपाल Arif Mohammad Khan, केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi और सहकारिता मंत्री Dr. Prem Kumar ने बुके देकर किया। मौके पर Chief Secretary Pratyay Amrit, DGP Vinay Kumar, प्रमंडलीय आयुक्त Dr. Safina AN, आईजी Kshatrinil Singh और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।