Ganja Racket का खुलासा: पुलिस की मिलीभगत? Lucknow में दो अधिकारी सस्पेंड

 उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Kaisarbagh थाना क्षेत्र में गांजा (Ganja) तस्करों को पुलिस का संरक्षण मिलने के आरोप लगे हैं। थानेदार सुनील कुमार सिंह और चौकी प्रभारी विजय यादव को सस्पेंड कर दिया गया है।

Police Commissioner Amrendra Kumar Sengar के निर्देश पर DCP West Vishwajeet Srivastava ने सोमवार देर रात यह कार्रवाई की। अब Departmental Enquiry शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों की सूझबूझ से खुला पूरा मामला

Kaisarbagh क्षेत्र के कारोबारी Priyansh Sonkar के मुताबिक, इलाके की Ghasiyari Mandi में लंबे समय से Ganja Smuggling Racket चल रहा था। मुख्य आरोपी आशीष सोनकर और उसका गिरोह खुलेआम नशे की पुड़िया बेच रहा था।

हाल ही में, एक तस्कर को स्थानीय लोगों ने रंगे हाथ पकड़ा और चौकी ले गए, जहां उसने गांजा बेचने की बात कबूल भी की। लेकिन Chowki Incharge Vijay Yadav ने उसे बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया।

वीडियो वायरल, धमकियां और FIR के बाद हरकत में आई पुलिस

कुछ दिन बाद, आशीष के गिरोह के एक अन्य सदस्य को फिर रंगे हाथ पकड़ा गया। लेकिन वह Ganja Packets फेंककर भाग गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

Priyansh ने बताया कि इसके बाद आशीष ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत भी थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।

Police Commissioner का बड़ा एक्शन, दो FIR दर्ज

जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा, तो प्राथमिक जांच में इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह और चौकी प्रभारी विजय यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दोनों के खिलाफ सस्पेंशन के साथ-साथ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

DCP West Vishwajeet Srivastava ने कहा:

“गांजा तस्कर को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया, फिर भी कोई कार्रवाई न करना गंभीर लापरवाही है। जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।”

मामले से जुड़े मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • Kaisarbagh में Ganja Tuskari Racket का खुलासा

  • Local लोगों ने तस्कर को पकड़ा, फिर भी पुलिस ने छोड़ा

  • आरोपी आशीष सोनकर और उसका गैंग सक्रिय

  • Social Media पर वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस

  • इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी सस्पेंड, Departmental Inquiry शुरू

  • दो FIR दर्ज, Gang के नेटवर्क की जांच जारी