From Kashmir to Haryana: आतंक के जाल में जुड़े दो मौलवी, जिसने हिला दी एजेंसियां!

कश्मीर की बर्फीली वादियों से लेकर हरियाणा की धूल भरी गलियों तक — दो मौलवी, दो राज्य, लेकिन एक ही आतंक मॉड्यूल का हिस्सा। Delhi Red Fort Blast Case में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़े interstate terror conspiracy का पर्दाफाश किया है।
इस ऑपरेशन में सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें Shopian के इरफान अहमद वागे और Faridabad के मौलाना इश्तियाक शामिल हैं।

कहानी में ट्विस्ट ये है कि एक ने कथित तौर पर दिमागी ब्रेनवॉश किया और दूसरा अपने घर में explosives storage point बना बैठा।

Namaz से गिरफ्तारी तक – Irfan Wagay की कहानी

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, शोपियां के नदीगाम इलाके में रहने वाले Irfan Ahmad Wagay को लोग “मुफ्ती साहब” कहकर जानते थे।
जो शख्स हमेशा Namaz और religious books में डूबा रहता था, वही अब terror links के आरोप में गिरफ्तार हुआ है।

इरफान की पत्नी फातिमा, जो इस वक्त गर्भवती हैं, ने कहा – “वो सिर्फ अल्लाह की इबादत करते थे, हमें यकीन नहीं होता कि वो ऐसे किसी काम में शामिल हो सकते हैं।”

24 साल का इरफान सात भाई-बहनों में चौथे नंबर पर है। तीसरी क्लास के बाद उसने स्कूल छोड़कर धर्म की राह पकड़ ली।
Darul Uloom Bilalia (Srinagar) से बेसिक तालीम ली और फिर 2017-18 में Deoband जाकर मुफ्ती की ट्रेनिंग पूरी की।
2021 में फातिमा से शादी के बाद वो श्रीनगर के Naik Bagh, Nowgam में मस्जिद के इमाम के तौर पर काम कर रहा था। हर वीकेंड वो अपने गांव शोपियां आता-जाता था।

Naugam से Faridabad तक – Terror Network की जड़ें

जांच में सामने आया कि इरफान की मस्जिद वाले इलाके Nowgam से ही हरियाणा के Faridabad Module की डोर जुड़ी हुई थी।
यहां के आरिफ निसार डार, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार को भी गिरफ्तार किया गया है।
जांच की कड़ी Anantnag, Ganderbal, फिर Faridabad और Saharanpur तक जा पहुंची।

हरियाणा और यूपी पुलिस की मदद से तीन डॉक्टर भी अरेस्ट किए गए, जबकि मुख्य साजिशकर्ता Umar Nabi फरार है।
पुलिस के अनुसार, इसी उमर नबी ने Delhi Red Fort के पास Blast को अंजाम दिया था।

Faridabad के मौलाना के घर से मिला विस्फोटक का जखीरा

हरियाणा के धौज इलाके में रहने वाले Maulana Ishtiyaq के घर से हजारों किलो विस्फोटक बरामद किया गया।
वो Al-Falah Campus Mosque में नमाज पढ़ाते थे, जहां उन्हें करीब 10 हजार रुपये सैलरी मिलती थी।

घर में पत्नी, 17 साल की बड़ी बेटी और तीन छोटे बच्चे हैं। बच्चे किसी स्कूल में नहीं पढ़ते थे — मौलाना खुद उन्हें घर पर ही धार्मिक शिक्षा देते थे।

इश्तियाक ने अपने घर का एक कमरा Dr. Muzammil Gani नाम के व्यक्ति को किराए पर दिया था, जो अब मॉड्यूल का मुख्य आरोपी निकला।
रविवार और सोमवार की पुलिस रेड में इसी कमरे से high-intensity explosives बरामद हुए।

मौलाना की बेटी ने बताया, “पापा का फोन पुलिस ले गई। हमारे पास फोटो भी नहीं हैं। किसी यूनिवर्सिटी या रिश्तेदार से कोई संपर्क नहीं है।”
गांव वालों का कहना है कि मस्जिद में ज्यादातर स्टाफ ही नमाज अदा करता था, बाहरी लोग बहुत कम आते थे।
पुलिस अब मौलाना इश्तियाक को पूछताछ के लिए Srinagar ले गई है।
एक गहरी साजिश का खुलासा

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस की संयुक्त जांच ने एक pan-India terror module की परतें खोल दी हैं।
दो अलग-अलग राज्यों में बैठे दो मौलवी, लेकिन मकसद एक — India में Serial Blasts की साजिश।

सवाल अब ये है कि क्या इन दोनों मौलवियों के बीच सिर्फ धार्मिक संपर्क था या इसके पीछे कोई foreign terror network भी सक्रिय है?
जांच एजेंसियां अब इस पूरे मॉड्यूल के funding sources और sleeper cells की गहराई से जांच कर रही हैं।