Uttarakhand में Forest Land Eviction: क्या सच में थे अतिक्रमणकारियों के दावे वैध?

उत्तराखंड के Ramnagar में forest land eviction drive के तहत रविवार को वन विभाग ने भारी कार्रवाई की। पुछड़ी के बिहारी तप्पड़ इलाके में करीब 25 हेक्टेयर वन भूमि से 52 अतिक्रमणकारियों के कच्चे और पक्के मकानों को bulldozer से ध्वस्त किया गया। इस दौरान लोगों और पुलिस के बीच tense situation भी देखने को मिली, जबकि कई लोगों को detained किया गया।

अभियान की प्रक्रिया

इस अभियान में नौ JCB, चार poclain excavators, चार tractor trolleys और 10 dumpers का इस्तेमाल किया गया। Forest Department Ramnagar Range के अधिकारियों के अनुसार, पुछड़ी में कुल 175 हेक्टेयर वन भूमि पर करीब 100 परिवारों का अतिक्रमण अब भी शेष है। इनमें से 45 परिवारों ने court stay orders लेकर कार्रवाई टालने की कोशिश की है।

कारण और कानूनी प्रक्रिया

एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि वन विभाग ने पिछले एक साल में कई नोटिस जारी किए और अतिक्रमणकारियों से voluntary evacuation के लिए कहा गया। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने यह नहीं माना, जिसके बाद प्रशासन ने law enforcement support लेकर निष्कासन की कार्रवाई की।

अपर कोसी ब्लॉक क्षेत्र को तीन ज़ोन में बाँटकर 9 सेक्टर में अभियान चलाया गया। इसमें ट्रंचिंग ग्राउंड जैसी भूमि पर भी कब्जा मुक्त कराया गया, जिस पर नगर पालिका वर्षों से दावा करती रही थी।

पीड़ितों की प्रतिक्रिया

अतिक्रमण हटने के बाद प्रभावित लोग भावुक हो गए। कई ने आरोप लगाया कि उन्होंने यह जमीन 2-3 लाख रुपये में खरीदी थी और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि यह वैध है। महिला पीड़ित सीमा ने कहा, “अब हमारे पास रहने के लिए आशियाना नहीं बचा। मैं अकेली कमाती हूँ और पति बीमार हैं, बच्चों को लेकर अब हम कहाँ जाएँ?”

भविष्य की योजना

Forest Department ने बताया कि रामनगर रेंज के अपर कोसी ब्लॉक में कुल 170 परिवारों को eviction notices जारी किए गए थे। इनमें से कई ने स्वेच्छा से अपना कब्जा छोड़ दिया है, जबकि कुछ मामलों पर court proceedings चल रहे हैं। पूरे अभियान में drone surveillance और वीडियोग्राफी के जरिए निगरानी रखी गई।