Following the Surya murder case, the administration took action, sealing two illegal madrasas in Khoda, and preparing to take action against a third.
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने क्षेत्र के दो मदरसों को सील कर दिया, जबकि एक अन्य मदरसे पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
लोकप्रिय विहार स्थित मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम और बीरबल मोहल्ले में संचालित सुल्तान अलाफरीन मदरसे को सील कर उनके बाहर नोटिस चस्पा किए गए। साथ ही दोनों संस्थानों के बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए हैं। प्रशासन ने संचालकों से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के अनुसार, जांच में सामने आया कि ये मदरसे जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मान्यता के बिना संचालित हो रहे थे। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई के दौरान लोकप्रिय विहार स्थित मदरसे का मुख्य गेट काफी देर तक नहीं खोला गया। बाद में पता चला कि अंदर 11 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें पीछे के रास्ते से बाहर निकाला गया। मदरसा प्रबंधन का आरोप है कि उन्हें दस्तावेज दिखाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
इस बीच सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के परिवार से जुड़े पुराने मकान पर भी विवाद गहरा गया है। सोमवार रात कुछ लोगों द्वारा मकान का ताला तोड़ने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
बता दें कि बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या चौहान पर चाकू से हमला किया गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। मामले के मुख्य आरोपी असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है, जबकि उसके पिता नवाब और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि खोड़ा क्षेत्र में संचालित किसी भी मदरसे के पास वैध पंजीकरण नहीं मिला है। सर्वे में तीन मदरसों की पहचान हुई थी, जिनमें से दो को सील किया जा चुका है और तीसरे के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।