Food Bowl में खेती पर ताला: क्यों उधम सिंह नगर में लगा Summer Paddy Ban?

उत्तराखंड का Food Bowl of Uttarakhand कहे जाने वाले उधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) जिले में प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन धान (Summer Paddy Cultivation) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह फैसला Groundwater Conservation यानी भूजल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

हालांकि इस निर्णय से जिले के 15 हजार से अधिक किसान (Farmers Crisis) सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं और उनके सामने रोज़गार व आय का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

क्यों सिर्फ उधम सिंह नगर में लगी रोक?

उधम सिंह नगर जिले में बीते कुछ वर्षों से Rabi-Kharif Season के अलावा गर्मियों में भी धान की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही थी, जिसे Bemausami Dhaan या Summer Paddy कहा जाता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार—

20 से 22 हजार हेक्टेयर भूमि पर ग्रीष्मकालीन धान की खेती

इससे जुड़े 15,000+ किसान

धान ऐसी फसल है, जिसमें अत्यधिक पानी की जरूरत होती है। गर्मियों में इसकी सिंचाई के लिए किसानों को लगातार Tube Well और Borewell से पानी निकालना पड़ा, जिससे जिले का Ground Water Level तेजी से नीचे गिरा।

भूजल गिरावट और फसल रोग बनी बड़ी वजह

प्रशासन की चिंता सिर्फ पानी तक सीमित नहीं रही। कृषि विभाग के अनुसार—

लगातार धान उगाने से Crop Disease Risk बढ़ा

खरीफ सीजन की धान की फसल पर भी रोगों का असर

किसानों को भारी Crop Loss झेलना पड़ा

इन्हीं कारणों से इस साल प्रशासन ने कोई ढील नहीं दी।

प्रशासन का सख्त आदेश, कार्रवाई की चेतावनी

कृषि विभाग ने साफ किया है कि—

“अगर कोई किसान ग्रीष्मकालीन धान की खेती करता पाया गया, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।”
— Dr. Naveen Joshi, Agriculture Protection Officer

पिछले वर्ष किसानों के अनुरोध पर सीमित छूट दी गई थी, लेकिन इस बार Complete Ban on Summer Paddy लागू कर दिया गया है।

Alternative Crops: किसानों को क्या विकल्प दिए गए?

धान पर रोक के बाद किसानों के सामने आय का संकट जरूर है, लेकिन प्रशासन ने कुछ Alternative Crops सुझाई हैं—

Maize (मक्का)

Sugarcane (गन्ना)

Mint Farming (पुदीना)

कृषि विभाग किसानों को Crop Diversification के लिए जागरूक कर रहा है।

फरवरी से किसानों को Hybrid Maize Seeds भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

पिछले साल: 6,000 हेक्टेयर में मक्का

इस साल लक्ष्य: 9,000 हेक्टेयर

Farmers Protest: किसान क्यों नाराज़ हैं?

ग्रीष्मकालीन धान पर रोक के बाद किसानों में गहरी नाराजगी है।
किसान नेता Tejendra Singh Vrik का कहना है—

“भूजल गिरना चिंता का विषय है, लेकिन किसानों को फसल का सही दाम न मिलना भी उतनी ही बड़ी समस्या है। मक्का उगाने पर लागत नहीं निकलती, दलहन के लिए अच्छे बीज नहीं मिलते।”

किसानों का कहना है कि Minimum Support Price (MSP) और Market Assurance के बिना वैकल्पिक खेती जोखिम भरी है।