Who has how many votes in the Rajya Sabha elections? All eyes are on MP, Karnataka and Jharkhand.
राज्यसभा सांसदों की assets, criminal cases और financial background को लेकर आई एक ताजा ADR Report ने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा राज्यसभा के विश्लेषित सांसदों में बड़ी संख्या ऐसे सदस्यों की है जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। वहीं, कई सांसद ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति hundreds of crores में है। इस रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चर्चा उस सांसद की हो रही है, जिसने करीब Rs 5,300 crore की संपत्ति घोषित की है।
Association for Democratic Reforms (ADR) की रिपोर्ट 233 में से 229 राज्यसभा सदस्यों के हलफनामों के अध्ययन पर आधारित बताई गई है। इनमें हाल में निर्वाचित सदस्य भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 229 सांसदों में से 73 सांसदों (करीब 32%) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही है। इनमें से 36 सांसद (करीब 16%) गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। कुछ मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया गया है।
पार्टीवार तस्वीर देखें तो BJP, Congress, TMC, AAP, CPI(M) और BRS जैसे दलों के कई सांसदों ने अपने खिलाफ मामलों की जानकारी दी है। इससे यह साफ होता है कि criminal background in politics का मुद्दा अब भी गंभीर बहस का विषय बना हुआ है।
संपत्ति के मोर्चे पर भी रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। विश्लेषण के मुताबिक, 31 सांसद ऐसे हैं जिनकी कुल संपत्ति 100 crore rupees से ज्यादा है। यानी राज्यसभा में अच्छी-खासी संख्या में crorepati और billionaire lawmakers मौजूद हैं। रिपोर्ट में राज्यसभा सदस्य की औसत संपत्ति करीब Rs 120.69 crore बताई गई है, जो इस सदन की आर्थिक प्रोफाइल को काफी हाई-प्रोफाइल बनाती है।
अगर सबसे अमीर सांसद की बात करें, तो BRS के बंडी पार्थ सारथी ने लगभग Rs 5,300 crore की संपत्ति घोषित की है। इस सूची में उनका नाम सबसे ऊपर है। उनके बाद AAP के राजेंद्र गुप्ता करीब Rs 5,053 crore की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। तीसरे नंबर पर YSRCP के अयोध्या रामी रेड्डी आला हैं, जिन्होंने लगभग Rs 2,577 crore की संपत्ति घोषित की है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि राज्यसभा में कुछ सांसदों की net worth किसी बड़े कारोबारी से कम नहीं है।
वहीं, सबसे कम संपत्ति घोषित करने वाले सांसदों की सूची भी उतनी ही दिलचस्प है। रिपोर्ट के अनुसार, AAP सांसद संत बलबीर सिंह ने लगभग Rs 3 lakh की संपत्ति बताई है, जो उन्हें सबसे कम संपत्ति वाले सांसदों में सबसे नीचे नहीं बल्कि सबसे सादगीपूर्ण प्रोफाइल वाला नाम बनाती है। उनके बाद मणिपुर के महाराजा सजाओबा लिशेम्बा करीब Rs 5 lakh और TMC के प्रकाश चिक बरैक लगभग Rs 9 lakh की संपत्ति के साथ सूची में शामिल हैं।
पार्टीवार औसत संपत्ति की बात करें तो कुछ दलों के सांसदों की औसत संपत्ति काफी ज्यादा है। AAP, YSRCP, SP, BJD और Congress के सांसदों की औसत declared assets कई अन्य दलों की तुलना में अधिक बताई गई हैं। दूसरी ओर, कुछ दलों का औसत आंकड़ा अपेक्षाकृत कम है। इससे साफ है कि राज्यसभा की wealth profile सभी पार्टियों में एक जैसी नहीं है।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दो बड़े सवाल खड़े करती है—पहला, राजनीति में बढ़ती money power कितनी गहरी है; और दूसरा, आपराधिक मामलों का सामना कर रहे जनप्रतिनिधियों की संख्या अब भी इतनी अधिक क्यों है। यही वजह है कि राज्यसभा सांसदों की यह ADR analysis केवल आंकड़ों की सूची नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की बदलती तस्वीर का एक अहम दस्तावेज भी बन जाती है।
उपलब्ध ADR खोज परिणामों में 2026 की वही रिपोर्ट सीधे नहीं मिली, इसलिए ऊपर दिया गया री-राइट आपके दिए गए टेक्स्ट पर आधारित है। ADR की पुरानी राज्यसभा रिपोर्टें और ADR की वेबसाइट उपलब्ध हैं।