Badrinath Temple Controversy: CCTV जांच जारी, लेकिन जांच कमेटी अब तक मंदिर नहीं पहुंची

बद्रीनाथ धाम में कथित Donation Controversy के बीच अब एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) को पिछले 10-12 वर्षों में विभिन्न संस्थानों की ओर से मिले करीब 20 से 25 Laptop का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। साथ ही समिति के Stock Register में भी इन उपकरणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलने की बात कही जा रही है। इन दावों के बाद मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

पहले Donation Case, अब Laptop रिकॉर्ड पर विवाद

हाल के दिनों में बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी बीच अब यह दावा भी सामने आया है कि वर्षों में मिले कई लैपटॉप का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन लैपटॉप को विभिन्न बैंकों और संस्थानों ने CSR के तहत मंदिर समिति को उपलब्ध कराया था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुराने विवादों को लेकर भी चर्चा तेज

BKTC पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रही है। इनमें गर्भगृह में लगी सोने की प्लेटों के रंग बदलने का मामला, मंदिर परिसर में QR Code Donation व्यवस्था, वीआईपी सुविधाओं पर खर्च और प्रशासनिक फैसलों को लेकर उठे सवाल शामिल रहे हैं।

अब ताजा विवाद के बाद एक बार फिर समिति की कार्यप्रणाली पर बहस तेज हो गई है।

भैरव सेना ने दर्ज कराई थी शिकायत

चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर भैरव सेना ने मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी को शिकायत सौंपते हुए कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

शिकायत के बाद समिति ने संबंधित कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा और निर्धारित समय में जवाब देने के निर्देश दिए।

चार सदस्यीय जांच समिति गठित

मामले की जांच के लिए BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

हालांकि शिकायतकर्ता संगठन का कहना है कि जांच टीम में Cyber Expert या Forensic Expert शामिल नहीं हैं। इसी कारण संगठन ने स्वतंत्र SIT Investigation की मांग भी उठाई है।

CCTV Footage की जांच जारी

मंदिर समिति के अनुसार, पिछले कई दिनों की CCTV Footage की जांच की जा रही है। बद्रीनाथ मंदिर परिसर में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण किया जा रहा है।

जांच प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित कर्मचारी को वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाकर अन्य स्थान पर संबद्ध किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

Laptop रिकॉर्ड को लेकर क्या हैं दावे?

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि SBI, PNB, Canara Bank समेत कुछ संस्थानों द्वारा वर्षों पहले समिति को कार्यालयी कार्यों के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराए गए थे।

बताया जा रहा है कि समिति के Stock Register में इन लैपटॉप का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कुछ उपकरण समिति से जुड़े लोगों के पास चले गए, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। समिति ने इस पहलू की भी जांच कराने की बात कही है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

चार सदस्यीय जांच समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट आने के बाद समिति आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।

इस बीच विपक्षी दलों ने भी मामले को लेकर सरकार और BKTC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं तथा निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

आधिकारिक स्थिति

फिलहाल Badrinath Donation Controversy और कथित Missing Laptop मामले की जांच जारी है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितना तथ्य है और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।