Assam Violence: Why did violence erupt in West Karbi Anglong? 2 dead, 38 injured
Assam West Karbi Anglong Violence ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के Kheroni इलाके में जारी हिंसक प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस गंभीर स्थिति पर मुख्यमंत्री Dr Himanta Biswa Sarma खुद नजर बनाए हुए हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
Kheroni हिंसा: तीसरे दिन भी नहीं थमा तनाव
पश्चिम कार्बी आंगलोंग में हालात लगातार तीसरे दिन भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोमवार को Karbi Anglong Autonomous Council के चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर और वरिष्ठ बीजेपी नेता Tuliram Ronghang के डोंगकामोका स्थित आवास में आगजनी की गई थी। इसके बाद से इलाके में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया।
मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान stone pelting और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए।
Police Action में 38 जवान घायल, एक IPS अधिकारी भी चोटिल
असम के DGP Harmeet Singh ने बताया कि हालात को काबू में करने के लिए लगातार दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और गैस सिलेंडरों को नुकसान पहुंचाया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
उन्होंने बताया कि हिंसा में एक IPS officer समेत 38 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
CM Himanta Biswa Sarma का बयान: हालात पर करीबी नजर
मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि पश्चिम कार्बी आंगलोंग में हुई हिंसा बेहद दुखद है। उन्होंने कहा—
“West Karbi Anglong में हालात पर मैं लगातार नजर रखे हुए हूं। हिंसा में दो लोगों की जान जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Kheroni में अतिरिक्त security forces तैनात की जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
District Administration का बड़ा कदम, Section 163 लागू
हिंसा को देखते हुए District Magistrate Niroja Fangchopi ने इलाके में BNSS Section 163 लागू कर दिया है। यह आदेश 22 दिसंबर से अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
इसके तहत—
5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध
शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक आवागमन पर रोक
रैली, जुलूस और धरना पूरी तरह प्रतिबंधित
हथियार, पटाखे और भड़काऊ सामग्री पर रोक
बिना अनुमति लाउडस्पीकर या माइक्रोफोन का उपयोग नहीं
प्रशासन का कहना है कि यह कदम law and order बनाए रखने और जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
Assam Violence क्यों बन रही है बड़ी चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम कार्बी आंगलोंग जैसे संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में हिंसा का असर लंबे समय तक सामाजिक सौहार्द पर पड़ सकता है। प्रशासन और सरकार की प्राथमिकता अब स्थिति को जल्द सामान्य करने और peace talks के जरिए समाधान निकालने की है।