Haridwar becomes the war room of Mission 2027, will the political mathematics change?
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शनिवार को देशभर में आतंकवाद से निपटने के लिए एक “impenetrable anti-terrorism grid” तैयार करने का आह्वान किया। राजधानी में आयोजित Anti-Terrorism Conference-2025 का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए anti-terror infrastructure को समय रहते मजबूत करना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने organised crime के खिलाफ “360-degree strike” strategy की घोषणा भी की।
Amit Shah ने सभी राज्यों में एक समान Anti-Terror Squad (ATS) structure लागू करने की जरूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए operational uniformity across states बेहद अहम है और राज्यों के Director Generals of Police (DGPs) को इस दिशा में शीघ्र कदम उठाने चाहिए।
दिल्ली में हुए हालिया terror blast investigation का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने J&K Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण पुलिसिंग नहीं, बल्कि watertight investigation का उत्कृष्ट उदाहरण है। Shah ने बताया कि सतर्कता के चलते ‘doctor module’ का पर्दाफाश हुआ और करीब तीन टन explosives बरामद किए गए, जिससे एक बड़े संकट को टाल दिया गया।
गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को “Need to Know” की जगह “Duty to Share” सिद्धांत अपनाने की सलाह दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर technology और data silos में विकसित होंगे, तो वे “gun without bullets” जैसे साबित होंगे।
Pahalgam terror attack की जांच का उल्लेख करते हुए Shah ने कहा कि आने वाले समय में दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियां इस केस-स्टडी को देखेंगी। उन्होंने दावा किया कि जांच के नतीजे Pakistan को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कटघरे में खड़ा करेंगे।
Amit Shah ने खुलासा किया कि भारत ने पहली बार आतंक के खिलाफ dual-strategy retaliation अपनाई।
Operation Sindoor के तहत हमलों के masterminds को सजा दी गई
जबकि Operation Mahadev में ground-level terrorists का सफाया किया गया
सम्मेलन के दौरान गृह मंत्री ने तीन अहम digital security tools भी लॉन्च किए—
Updated NIA Crime Manual
Organised Crime Network Database
Lost and Looted Weapons Database
Shah ने कहा कि organised crime और terrorism के बीच गहरा संबंध है। कई बार extortion gangs के सरगना विदेश भागने के बाद terror facilitators बन जाते हैं। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने 360-degree strike on organised crime की रणनीति तैयार की है, जिसमें नए databases अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने Trial-in-Absentia जैसे कानूनी विकल्पों पर भी जोर दिया, ताकि विदेशों में छिपे आतंकियों पर दबाव बनाकर उन्हें भारत लौटने के लिए मजबूर किया जा सके। इसके साथ ही NATGRID और NIDAAN platforms के अनिवार्य उपयोग की वकालत की।
Amit Shah ने कहा कि जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है—जो अब दुनिया की fourth largest economy बन चुकी है—वैसे-वैसे internal security challenges भी बढ़ेंगे। उन्होंने आतंक के पूरे ecosystem को खत्म करने के लिए “ruthless approach” अपनाने की बात कही और कहा कि आज किया गया काम ही आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा तय करेगा।