"AI reduces cost of sugarcane farming by 40%, production increases by 40% – New revolution in Maharashtra"
महाराष्ट्र के गन्ना किसानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का वरदान साबित होना
पुणे: महाराष्ट्र में गन्ना खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, खासकर पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र में। गन्ना उगाने वाले किसान अच्छे दाम पर अपनी फसल बेचकर संपन्न होते हैं। पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर जैसे जिले गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं, वहीं अहमदनगर, छत्रपति संभाजी नगर, जलना जैसे अन्य जिले भी इस नकदी फसल की खेती करते हैं। गन्ने का इस्तेमाल चीनी बनाने में होता है, और यहां कई सहकारी चीनी मिलें हैं, जो हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं।
भारत में पहली बार AI का उपयोग: गन्ना खेती में सफलता की ओर
ब्रामती कृषि विकास ट्रस्ट ने महाराष्ट्र में गन्ना खेती को अधिक उत्पादक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रयोग किया। इस परियोजना में ब्रामती ट्रस्ट, माइक्रोसॉफ्ट और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने मिलकर गन्ना खेती के लिए एक तकनीक विकसित की है, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हुआ है। यह प्रयोग 1,000 किसानों के खेतों में किया गया, जिसके परिणामस्वरूप गन्ना उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई।
AI से उत्पादन बढ़ेगा 40% तक
गन्ने की उत्पादन लागत 20 से 40 प्रतिशत तक घटाई गई है और 30% पानी की बचत भी हुई है। भूषण गोसावी ने कहा, “इसमें यह दिखाया गया है कि AI का इस्तेमाल करके गन्ना उत्पादन 160 टन प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाया जा सकता है।”
AI के माध्यम से महाराष्ट्र के 50,000 किसानों को फायदा
गोसावी ने बताया, “यह प्रयोग तीन साल पहले शुरू हुआ था और मार्च 2024 से 1,000 किसानों के खेतों में इसका उपयोग किया जा रहा है। जल्द ही यह परियोजना महाराष्ट्र के 50,000 किसानों के खेतों पर लागू की जाएगी। महाराष्ट्र सरकार ने इस तकनीक के लिए बजट में करीब 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है ताकि किसानों को अब AI के लिए सब्सिडी मिल सके।”
महेंद्र थोरट का अनुभव
दौंड के किसान महेंद्र थोरट ने बताया, “हमने पारंपरिक तरीके से गन्ना और केला उगाया था, लेकिन 2024 में AI तकनीक से परिचित होने के बाद हमने जुलाई 2024 में दो एकड़ ज़मीन पर AI तकनीक से खेती शुरू की। मुझे उम्मीद है कि AI तकनीक से दो एकड़ ज़मीन से 130 टन गन्ना उत्पादन होगा और 30% मुनाफा होगा।”
AI द्वारा गन्ना खेती के लाभ
कृषि विज्ञान केंद्र, बारामती में ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस फार्म विप्स’ परियोजना के तहत इस तकनीक का उपयोग किया गया था, जिसमें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के डॉ. अजीत जावकार और माइक्रोसॉफ्ट के डॉ. रणवीर चंद्रा का योगदान रहा। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने इस परियोजना की सराहना की है।
महाराष्ट्र में गन्ना उत्पादन की स्थिति
भारत में गन्ना उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है, लेकिन उत्पादकता के हिसाब से यह ब्राजील और चिली से काफी पीछे है। 2024-25 के अनुमान के अनुसार, महाराष्ट्र में लगभग 14.20 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती हो रही है, जिससे कुल उत्पादन 1,100 लाख मीट्रिक टन हो सकता है, और इसके द्वारा 30,000 से 35,000 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न होने की संभावना है।
AI के माध्यम से गन्ना उत्पादन को कैसे बढ़ावा मिलेगा?
AI तकनीक से गन्ना किसानों को फसल की स्थिति की पूरी जानकारी मोबाइल फोन पर मिलती है। इसके माध्यम से गन्ने की सही मात्रा में पानी, उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग किया जा सकता है, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि जल और उर्वरकों की बचत भी होगी। इसके अलावा, AI तकनीक का इस्तेमाल किसानों को फसल की बिमारी और कीटों के बारे में पहले से चेतावनी देने में भी मदद करेगा, जिससे प्रभावी ढंग से समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
किसान के लिए AI का उपयोग
AI का उपयोग गन्ना उत्पादन के सभी पहलुओं में किया जाएगा – जैसे उर्वरक प्रबंधन, जल प्रबंधन, कीट और रोग निगरानी, और सटीक उत्पादन अनुमान। यह तकनीक किसानों को उनके खेतों की वास्तविक स्थिति के बारे में सूचित करती है, जिससे उत्पादन लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ता है।
पानी की बचत: AI तकनीक से क्या फर्क पड़ता है?
AI तकनीक के जरिए गन्ना किसानों को ड्रिप सिंचाई की विधि का उपयोग करने की सलाह दी जाती है, जिससे पानी की 30 से 35 शिफ्ट की आवश्यकता होती है, जबकि पारंपरिक तरीके से 3 करोड़ लीटर पानी का इस्तेमाल होता था। AI तकनीक के उपयोग से किसानों को पानी की बचत होती है और इसके परिणामस्वरूप वे कम समय में अन्य फसलें भी उगा सकते हैं।
फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि
AI का उपयोग करके, गन्ने की ऊंचाई, लंबाई, गन्ने की संख्या, गन्ने का वजन और बीट्स की गुणवत्ता सभी दोगुनी हो सकती है। यह तकनीक किसानों को अधिक फसल और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने में मदद करेगी, जो उनकी आय को भी बढ़ाएगी।
महाराष्ट्र के गन्ना किसानों के लिए AI तकनीक एक नई दिशा की ओर इशारा कर रही है। यह न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रही है, बल्कि जल, उर्वरक और कीटनाशकों की बचत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृषि क्षेत्र में AI का प्रयोग भविष्य में किसानों के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।