उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार के बाद अब पोर्टफोलियो पर सबकी नजर, किसे मिलेगा कौन सा विभाग

Uttarakhand Cabinet Expansion: उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा portfolio allocation को लेकर हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल का विस्तार कर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। अब सरकार और भाजपा संगठन, दोनों की नजर इस बात पर है कि नए और पुराने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किस तरह किया जाएगा।

कैबिनेट में अब कुल 12 सदस्य हो चुके हैं, इसलिए अगला अहम चरण मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय करना है। राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलता है, इससे न सिर्फ सरकार में उसका प्रभाव तय होगा, बल्कि आने वाले समय में उसका political stature भी साफ दिखाई देगा। यही वजह है कि Uttarakhand cabinet portfolios को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

राज्य की राजनीति में कुछ विभाग हमेशा से ज्यादा प्रभावशाली माने जाते रहे हैं। Tourism, Energy, PWD, Urban Development, Social Welfare, Rural Development, Housing, Home, Health, Disaster Management, Transport और Education जैसे विभागों को हाई-प्रोफाइल माना जाता है। इन मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिलने का मतलब अक्सर सरकार में मजबूत भूमिका माना जाता है।

मौजूदा स्थिति में इन अहम विभागों का जिम्मा पुराने मंत्रियों के पास है। इससे पहले वर्ष 2023 में चंदन राम दास के निधन और मार्च 2025 में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कुछ विभाग मुख्यमंत्री के पास भी रहे। अब कैबिनेट विस्तार के बाद यह संभावना बन रही है कि इन विभागों का पुनर्वितरण किया जाए और नए मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाए।

नए मंत्रियों में मदन कौशिक और खजान दास ऐसे चेहरे हैं जो पहले भी मंत्री पद संभाल चुके हैं, इसलिए उन्हें अनुभवी माना जा रहा है। वहीं भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा के लिए यह पहली बार कैबिनेट स्तर पर जिम्मेदारी का मौका है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री अनुभव और नए चेहरों के बीच किस तरह संतुलन बनाते हैं।

राजनीतिक दृष्टि से यह बंटवारा बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा को अगले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऐसा संदेश देना होगा, जिससे क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन भी दिखाई दे। इसलिए minister portfolios in Uttarakhand केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है।

सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है that department reshuffle केवल नए मंत्रियों तक सीमित नहीं रह सकता। पहले से काम कर रहे पुराने मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल संभव बताया जा रहा है। पिछले चार वर्षों से लगातार काम कर रहे कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद विभागों में बदलाव किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों के पास मौजूद विभाग कम हो सकते हैं, जबकि कुछ को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिल सकती है।

धामी सरकार के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार अपने चार साल पूरे होने पर 23 से 25 मार्च तक राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा सरकार की अगली राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा को भी स्पष्ट करेगा।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि who gets which ministry in Uttarakhand। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेना है और माना जा रहा है कि पोर्टफोलियो की घोषणा के साथ ही सरकार के भीतर ताकत के नए समीकरण भी साफ हो जाएंगे।