Delhi Terror Attack: Red Fort के पास धमाके में 40 किलो विस्फोटक, 3 टन पहले ही जब्त

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने खुलासा किया है कि दिल्ली के Red Fort के पास हुए आतंकी धमाके में करीब 40 किलोग्राम explosives का इस्तेमाल किया गया था। शुक्रवार को NIA द्वारा आयोजित Anti-Terrorism Conference-2025 में बोलते हुए उन्होंने बताया कि इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने 3 टन विस्फोटक भी बरामद किए थे, जिन्हें धमाके से पहले निष्क्रिय कर दिया गया।

Amit Shah के मुताबिक, इस पूरे terror plot में शामिल नेटवर्क को समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे दिल्ली में इससे भी बड़ा हमला होने से रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि इस साजिश की जांच सभी एजेंसियों द्वारा बेहद effective investigation के जरिए की गई।

नवंबर में हुए इस Red Fort blast में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी। धमाका Subhash Marg traffic signal के पास एक slow-moving Hyundai i20 car में हुआ, जिसने इलाके में दहशत फैला दी थी।

Red Fort Blast Case: NIA की कार्रवाई

इस मामले में National Investigation Agency (NIA) लगातार जांच कर रही है। शुक्रवार को एक special court ने Red Fort blast case से जुड़े दो प्रमुख आरोपियों की custody extension को मंजूरी दी। अब तक इस केस में Dr Umar-un-Nabi से जुड़े कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी इस हमले के पीछे की larger conspiracy को उजागर करने में जुटी है।

‘360-Degree Assault on Organised Crime’

सम्मेलन के दौरान Amit Shah ने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार organised crime के खिलाफ “360-degree assault” शुरू करने जा रही है, जो Zero-Terror Policy का अहम हिस्सा होगा।

इस दिशा में गृह मंत्री ने दो महत्वपूर्ण digital databases लॉन्च किए—

Organised Crime Network Database

Weapons Database (lost, looted & recovered arms)

ये दोनों databases National Investigation Agency द्वारा host किए जाएंगे और आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Amit Shah ने कहा कि organised crime networks अक्सर ransom और extortion से शुरुआत करते हैं, लेकिन जब इनके सरगना विदेश भाग जाते हैं, तो वे आतंकवादी संगठनों के संपर्क में आ जाते हैं और उसी पैसे का इस्तेमाल देश में terrorism फैलाने के लिए किया जाता है।