Delhi Blast Mystery: Terrorist's girlfriend Dr. Shaheen had given dangerous signals years ago.
दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) में गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद (Dr. Shaheen Shahid) के आतंकी संगठन से संबंध सामने आने के बाद कानपुर के GSV Medical College के डॉक्टर्स और स्टाफ हैरान हैं।
डॉ. शाहीन यहां फार्माकोलॉजी विभाग (Pharmacology Department) में करीब सात साल तक प्रोफेसर और हेड ऑफ डिपार्टमेंट के पद पर कार्यरत थीं।
सूत्र बताते हैं कि सितंबर 2009 में उनका तबादला कन्नौज मेडिकल कॉलेज में हुआ था, लेकिन छह महीने के अंदर वापस लौटने के बाद उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया था।
वह कॉलेज के कार्यक्रमों से दूर रहने लगीं, बातचीत कम कर दी और खुद को बाकी स्टाफ से अलग रखने लगीं।
“कुछ बड़ा करना है…” — शाहीन के शब्द बने शक की वजह
सहकर्मियों के अनुसार, डॉ. शाहीन अक्सर कहती थीं — “कन्नौज मेडिकल कॉलेज में रहना सजा से कम नहीं, अगर ट्रांसफर नहीं हुआ तो नौकरी छोड़ दूंगी… मुझे कुछ बड़ा करना है।”
अब दिल्ली ब्लास्ट में उनकी गिरफ्तारी के बाद यही बातें जांच एजेंसियों के लिए Red Flag बन गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन भारत में रहना पसंद नहीं करती थीं और अक्सर Foreign Lifestyle की बातें करती थीं।
वह कहती थीं कि “मैं अपने सभी सपनों को एक-एक करके पूरा करूंगी।”
कैंपस में रहकर भी अलग-थलग रहीं डॉक्टर शाहीन
डॉ. शाहीन अपने पति डॉ. जफर हयात और दो बेटों के साथ कॉलेज परिसर के एल-29 आवास में रहती थीं।
लेकिन वह और उनका परिवार बाकी स्टाफ से पूरी तरह अलग-थलग रहता था।
बच्चों को भी उन्होंने दूसरे डॉक्टरों के बच्चों से घुलने-मिलने नहीं दिया।
सहकर्मियों ने कई बार उनके असामान्य व्यवहार (Unusual Behaviour) पर सवाल उठाए, लेकिन वह हमेशा बहाने बनाकर बातचीत टाल देती थीं।
Frequent Leaves और Suspicious Absences
कन्नौज से लौटने के बाद शाहीन का विभागीय कार्य में मन नहीं लगता था।
वह किसी न किसी बहाने से बार-बार छुट्टियां (Frequent Leaves) मांगती थीं और कई बार बिना बताए कॉलेज से गायब हो जाती थीं।
प्रबंधन ने कई बार फटकार लगाई, लेकिन उनके रवैए में कोई सुधार नहीं आया।
1 सितंबर 2012 से 31 दिसंबर 2013 तक वह विभागाध्यक्ष रहीं — और अचानक गायब होने के वक्त भी HOD के पद पर थीं।
ATS और Intelligence Agencies की जांच तेज
Anti-Terrorism Squad (ATS) अब डॉ. शाहीन के अतीत की लेयर-बाय-लेयर जांच (Layer-by-Layer Investigation) कर रही है।
मंगलवार को एजेंसी ने उनके लखनऊ स्थित पैतृक घर और कानपुर मेडिकल कॉलेज में छानबीन की।
बुधवार को जांच टीम प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (MLN Medical College) पहुंची, जहां से शाहीन ने MBBS की पढ़ाई की थी।
टीम ने हॉस्टल से लेकर एडमिन ब्लॉक तक उनके Admission Records, Internship Files और Academic Data की जांच की।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, शाहीन मेडिकल पढ़ाई के दौरान शांत लेकिन महत्वाकांक्षी थीं।
अब जांच इस बात पर फोकस कर रही है कि क्या उस दौरान उनका किसी संगठन से संबंध (Organizational Link) था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई पुरानी तस्वीरें
डॉ. शाहीन की पुरानी College Group Photos और Videos सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
एक तस्वीर में वह अपने सहपाठियों के साथ नजर आ रही हैं, जो संभवतः किसी कॉलेज पार्टी के दौरान की है।
पोस्ट पर लोग आतंकवाद की निंदा करते हुए शाहीन के बारे में Mixed Reactions और Angry Comments कर रहे हैं।
बदलते रवैये की कहानी ने खोले कई राज़
डॉ. शाहीन की कहानी अब एक Psychological Case Study बन चुकी है —
एक डॉक्टर जो मेडिकल कॉलेज की टॉपर थी, कैसे एक White-Collar Terror Module का हिस्सा बन गई?
जांच एजेंसियों का मानना है कि Delhi Blast Case में शाहीन का रोल सिर्फ एक मेडिकल एक्सपर्ट का नहीं, बल्कि Ideological Motivator का भी हो सकता है।
ATS इस बात की भी जांच कर रही है कि शाहीन ने किसके कहने पर और किस मकसद से यह रास्ता चुना।