Red Fort Blast: 3 घंटे तक निगरानी से बचती रही विस्फोटक कार, जांच में पुलवामा कनेक्शन भी सामने आया

Delhi Blast Case Update: राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम Red Fort Metro Station के पास हुए भयावह धमाके की जांच अब तेज हो गई है। पुलिस ने इस केस में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है, और NIA सहित कई केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की जांच में जुट गई हैं।
इस बीच धमाके में इस्तेमाल हुई सफेद Hyundai i20 कार की पहली CCTV फुटेज सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में यह कार विस्फोट से कुछ मिनट पहले लालकिले के पास स्थित सुनहरी मस्जिद पार्किंग क्षेत्र के आसपास देखी गई थी।

 CCTV फुटेज में क्या दिखा?

India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार दोपहर 3:19 बजे पार्किंग एरिया में दाखिल हुई और शाम 6:48 बजे, यानी धमाके से कुछ मिनट पहले वहां से बाहर निकली।
यानि यह वाहन करीब 3 घंटे तक उसी इलाके में खड़ा रहा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह ठहराव प्री-प्लांड एक्सप्लोसिव टाइमिंग (pre-planned explosive timing) का हिस्सा हो सकता है।
फुटेज से यह भी संकेत मिला है कि कार में कोई व्यक्ति अंतिम क्षणों में मौजूद था, हालांकि उसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

 पुलवामा कनेक्शन की पुष्टि

दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि धमाके में इस्तेमाल हुई Hyundai i20 (HR26-CE7674) कार पहले मोहम्मद सलमान s/o मोहम्मद शाहिद के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
RC रिकॉर्ड के मुताबिक, यह वाहन 2014 में रजिस्टर हुआ था।
पुलिस पूछताछ में सलमान ने बताया कि उसने यह कार करीब डेढ़ साल पहले ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी थी। आगे की जांच में खुलासा हुआ कि देवेंद्र ने यह कार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी तारिक को बेच दी थी, जिसने इसे 24 फरवरी 2025 को खरीदा था।
यानी अब जांच सीधे Pulwama Connection की ओर इशारा कर रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या तारिक का संबंध किसी terror module या sleeper cell से है।

 धमाके का असर और सुरक्षा अलर्ट

लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस भीषण धमाके में अब तक 10 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हो चुके हैं।
Eyewitnesses ने बताया कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि

इसकी आवाज़ ITO तक (करीब 2 किमी दूर) सुनाई दी,

आसपास खड़ी गाड़ियों के शिशे टूट गए,

और Red Fort Metro Station के कांच भी चटक गए।

घटना के बाद से दिल्ली समेत पूरे देश में High Alert घोषित कर दिया गया है।
NIA, NSG और Delhi Police Special Cell की टीमें लगातार घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं।

 जांच में क्या फोकस है अब?

कार की ट्रैवल ट्रेसिंग — किस मार्ग से दिल्ली तक पहुंची और बीच में किन लोकेशंस पर रुकी।

CCTV Digital Analysis — किस समय कार में व्यक्ति चढ़ा या उतरा।

Explosive Source Tracking — धमाके में इस्तेमाल सामग्री कहां से लाई गई।

Terror Module Connection — क्या यह हमला किसी बड़े मॉड्यूल की ट्रायल एक्टिविटी थी।

Delhi Blast 2025 अब सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं रह गई है — जांच में सामने आए Pulwama link और तकनीकी प्लानिंग से यह स्पष्ट है कि हमला अत्यधिक पेशेवर तरीके से किया गया था।
एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह Fidayeen Attack Attempt था या किसी बड़े आतंकी नेटवर्क की शुरुआत।