योगी सरकार का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोप में चार अधिकारी बर्खास्त, तीन की पेंशन से कटौती

उत्तर प्रदेश की Yogi Government ने Social Welfare Department में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर बड़ी कार्रवाई की है। Corruption Charges में फंसे चार District Social Welfare Officers को बर्खास्त (Dismissed) कर दिया गया है, जबकि तीन सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन से स्थायी कटौती (Permanent Pension Deduction) के आदेश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण (Aseem Arun) की निगरानी में हुई है। उन्होंने सभी मामलों में FIR दर्ज कराने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

कौन-कौन हुए बर्खास्त?

बर्खास्त किए गए चार अधिकारियों में शामिल हैं –

मीना श्रीवास्तव, तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी, श्रावस्ती (वर्तमान में भदोही में तैनात)।

करुणेश त्रिपाठी, मथुरा के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी।

संजय कुमार ब्यास, हापुड़ के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी।

राजेश कुमार, शाहजहांपुर के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी।

इन सभी पर सरकारी योजनाओं में Financial Irregularities, Fake Scholarship Payments और Funds Misuse जैसे गंभीर आरोप साबित हुए हैं।

श्रावस्ती केस: फर्जी डाटा फीडिंग और हेरफेर

मीना श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना और शादी-बीमारी योजना में बिना उच्च अनुमति के डाटा फीडिंग कराई। उन्होंने Student Scholarship और Fee Reimbursement की राशि भी फर्जी खातों में ट्रांसफर कराई।

मथुरा केस: 2.53 करोड़ की अनियमित छात्रवृत्ति भुगतान

करुणेश त्रिपाठी ने Private ITI Institutes को Fake Students के नाम पर 2.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया। जांच में पाया गया कि 2 वर्ष से लेकर 51 वर्ष तक की उम्र के लोगों को Admission दिखाकर Scholarship Amount हड़पी गई। अब उनसे 19.25 करोड़ रुपये की वसूली (Recovery) के आदेश दिए गए हैं।

हापुड़ केस: छात्रवृत्ति की राशि संस्थानों में भेजी

संजय कुमार ब्यास ने वित्त वर्ष 2012-13 में शासनादेश की अनदेखी करते हुए छात्रवृत्ति की 2.74 करोड़ रुपये की राशि सीधे संस्थानों के खातों में भेजी, जबकि यह राशि छात्रों के बैंक खातों में जानी थी। उनके खिलाफ Fake Records Uploading और Website Manipulation के भी आरोप हैं। उनसे 3.23 करोड़ रुपये की वसूली होगी।

शाहजहांपुर केस: अपात्रों को पेंशन लाभ

राजेश कुमार ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (National Old Age Pension Scheme) के लाभार्थियों के खाते बदलकर अपात्रों को फायदा पहुंचाया। उनसे 2.52 करोड़ रुपये की Recovery की जाएगी।

सेवानिवृत्त अफसरों पर भी कार्रवाई
1. श्रीभगवान (औरैया)
2018-2020 के बीच कार्यकाल में 251 अपात्र व्यक्तियों के खातों में Old Age Pension Amount भेजा गया।

20 लाख रुपये की Recovery

Pension में 10% Permanent Cut

2. विनोद शंकर तिवारी (मथुरा)
उन्होंने 11 मान्यताविहीन संस्थानों को 2.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया और 9.69 करोड़ रुपये की फर्जी छात्रवृत्ति वितरित की।

1.96 करोड़ की Recovery

Pension से 50% Permanent Deduction

3. उमा शंकर शर्मा (मथुरा)
5526 फर्जी छात्रों को लाभ पहुंचाकर 88.94 लाख रुपये की गड़बड़ी की।

89 लाख की Recovery

Pension से 50% कटौती

मंत्री असीम अरुण बोले – भ्रष्टाचार पर सरकार सख्त

राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में Zero Tolerance Against Corruption की नीति पर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि “ऐसे कई मामले जो वर्षों से लंबित हैं, उन पर भी जल्द एक्शन होगा और FIR दर्ज की जाएगी।”