काबुल में भारत का दूतावास फिर से खुला: Taliban Minister दौरे के बाद बड़ा फैसला

तालिबान शासित अफगानिस्तान के विदेश मंत्री Amir Khan Muttaqi के हालिया एक हफ्ते के India Visit 2025 के बाद भारत ने काबुल में अपने दूतावास को फिर से बहाल कर दिया है। इसके साथ ही भारत ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को राजनीतिक मान्यता देते हुए वहां स्थित Technical Mission का दर्जा बढ़ाकर इसे दूतावास का दर्जा दे दिया है।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस निर्णय से भारत और अफगानिस्तान के bilateral relations मजबूत होंगे। दूतावास में राजदूत की नियुक्ति से पहले वहां मौजूद मिशन प्रमुख को Charge d’Affaires नियुक्त किया जाएगा। वहीं, तालिबान सरकार नवंबर तक दो राजनयिकों को नई दिल्ली भेजने की योजना बना रही है।

काबुल दूतावास की वापसी का ऐतिहासिक महत्व

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अगस्त 2021 में भारत ने सुरक्षा कारणों से अपना काबुल दूतावास बंद कर दिया था। हालांकि, जून 2022 में मानवीय सहायता की निगरानी के लिए एक Technical Mission फिर से खोला गया था। अब इस मिशन को दूतावास का दर्जा देने का निर्णय भारत के अफगानिस्तान के प्रति स्थिर और रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने बताया कि यह कदम अफगान समाज की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप है और इससे humanitarian aid, development projects, और capacity building initiatives में भारत का योगदान और बढ़ेगा।

Taliban की यात्रा का क्षेत्रीय असर

तालिबान मंत्री की भारत यात्रा को क्षेत्रीय राजनीति में एक नए चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की प्रतिबद्धता दोहराई और terrorism originating from regional countries की निंदा की। इस परोक्ष बयान से पाकिस्तान की नाराजगी भी जाहिर हुई, क्योंकि जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता के समर्थन में तालिबान के रुख ने पाकिस्तान को अप्रसन्न किया।