600 साल बाद जागा रूस का ज्वालामुखी, आसमान में उड़ा 19,700 फीट तक राख का गुबार

रूस के कामचटका प्रायद्वीप में स्थित क्रेशेनिनिकोव ज्वालामुखी (Kreshennikov Volcano) ने 600 वर्षों की नींद तोड़ते हुए अचानक विस्फोट किया। रविवार रात हुए इस धमाके ने वैज्ञानिकों और आपातकालीन मंत्रालय को चौंका दिया। विस्फोट के बाद लगभग 6,000 मीटर (19,700 फीट) तक राख का विशाल गुबार आकाश में फैल गया।

स्मिथसोनियन ग्लोबल वोल्कैनिक प्रोग्राम के अनुसार, यह ज्वालामुखी आखिरी बार 1550 में फटा था। हाल ही में रूस की राष्ट्रीय एजेंसी RIA और कई वोल्केनोलॉजिस्ट्स ने सोशल मीडिया पर इस विस्फोट की हाई-रिजॉल्यूशन इमेज और वीडियो शेयर किए हैं, जो इस दुर्लभ घटना की भयावहता को दर्शाते हैं।

क्या ये ज्वालामुखी और हालिया भूकंप एक-दूसरे से जुड़े हैं?

क्रेशेनिनिकोव का विस्फोट ठीक उसी सप्ताह हुआ जब यूरोप और एशिया के सबसे ऊंचे सक्रिय ज्वालामुखी क्लुचेव्स्कॉय (Klyuchevskoy Volcano) से लावा निकलने की सूचना मिली थी। इन घटनाओं के कुछ दिन पहले कामचटका में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जो 2011 के बाद अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। विशेषज्ञ इस बात की संभावना तलाश रहे हैं कि कहीं ये सभी भूगर्भीय घटनाएं आपस में जुड़ी तो नहीं हैं।

उड़ानों पर खतरा, जारी हुआ Orange Alert

रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने कहा कि इस विस्फोट के बाद “ऑरेंज” एविएशन अलर्ट (Orange Aviation Alert) जारी किया गया है, जो इस क्षेत्र से गुजरने वाली उड़ानों के लिए खतरे का संकेत देता है। हालाँकि, फिलहाल ज्वालामुखी के आसपास के किसी आबादी वाले क्षेत्र में राख गिरने की सूचना नहीं है और राख का बादल प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) की ओर फैल रहा है।